बलिया। अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा अलंकार की डिग्री व उपाधि के आधार पर तैनाती पाए शिक्षकों की जांच जिले में शुरू हुई है। इस आधार पर तैनात शिक्षकों के संबंध में शासन स्तर से सूचना शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया है। ऐसे शिक्षकों का सितंबर का वेतन रोकने की तैयारी की जा रही है।
अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा विशारद और शिक्षा अलंकार की योग्यता पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों की खोज अभियान चला कर की जा रही है। शिक्षा अलंकार डिग्री वाले शिक्षकों का वेतन तुरंत रोकने आदेश शासन की ओर किया गया है। ऐसे में संबंधित शिक्षकों का सितंबर माह से वेतन रोक दिया जाएगा। जिले में अभी 68 एडेड स्कूल हैं, इनमें से 45 को छोड़कर शेष 23 को वेतन डीआईओएस कार्यालय स्तर से जारी किया जाता है। फर्जी प्रमाणपत्रों या मानक के विरुद्ध योग्यता के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षकों पर हाल के दिनों में शासन की नजर टेढ़ी हुई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के एक आदेश ने ऐसे शिक्षकों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है। इसके अंतर्गत हिंदी साहित्य व शिक्षा अलंकार की डिग्री को अमान्य घोषित कर दिया गया है। अनेक एडेड स्कूलों ने पहले भी लिखकर दे भी दिया है कि उनके यहां इस डिग्री पर किसी की तैनाती नहीं हैं। हालांकि इसकी प्रमाणिकता जांचने के लिए सभी स्कूलों से सितंबर माह के वेतन बिल के साथ ही तैनात सभी शिक्षकों के शैक्षिक रिकार्ड भी तलब किए गए हैं। इस संबंध में शासन का पत्र प्राप्त हुआ है और संबंधित स्कूलों को पत्र लिख कर शिक्षा विशादर और शिक्षा अलंकार डिग्री वाले शिक्षकों की सूची एडेड स्कूलों से मांगी गई है। इसमें शिक्षा अलंकार वाले शिक्षकों का वेतन तत्काल रोकने का आदेश दिया जा चुका है। - डॉ. ब्रजेश मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक, बलिया