रामगढ़। गंगा के जलस्तर में बढ़ाव को देखते हुए विभाग में खलबली है। अमर उजाला की ओर से गंगापुर में बनाए गए स्पर में दरार पड़ने का मामला उठाने के बाद बाढ़ खंड गंडक गोरखपुर के चीफ इंजीनियर आलोक जैन शनिवार की शाम डेंजर जोन गंगापुर पहुंच गए। मातहतों से कहा कि स्पर कटा तो करवाई तय है। कोई भी स्पर गंगा की लहरों में बहा तो जिमेदार बख्शे नहीं जाएंगे। अधूरे कार्य छोड़कर फरार हुए ठेकेदारों के खिलाफ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। 24 घंटे एनएच-31 पर नजर बनाए रखने को कहा। गंगापुर में शासन की ओर से 34 करोड़ रुपए की लागत से तीन स्पर और रिवेटमेंट कार्य फरवरी में शुरू कराया गया था, जो आज तक अधूरा है। चीफ इंजीनियर ने अधिशासी अभियंता को तत्काल 27.200 किमी पर स्पर में आई दरार की मरम्मत के निर्देश दिए। गंगापुर डगरा के समीप 26.900 किमी पर बने स्पर के बगल में बने एप्रन को बालू और ईंट से भरने को कहा। रात्रि में भी जेनरेटर चलाकर युद्धस्तर पर कार्य करने को कहा। सहायक अभियंता अमृत लाल, अवर अभियंता प्रशांत कुमार, जावेद अहमद आदि मौजूद रहे।
उच्चतम बाढ़ स्तर तक पहुंचने की ओर गंगा
रामगढ़/हल्दी। गंगा का रौद्र रूप जारी है। शनिवार को केंद्रीय जल आयोग गायघाट केंद्र पर शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 59.180 मीटर दर्ज किया गया। गंगा आधा सेमी प्रति घंटा के रफ्तार से बढ़ाव पर है। खतरा बिंदु 57.615 है। उच्चतम बाढ़ बिंदु 6.390 है, जिसे 2016 में रिकार्ड किया गया था। मांझी में सरयू भी बढ़ाव पर है। उदय छपरा, गोपालपुर, पांडेपुर, केहरपुर, सुघर छपरा, रामगढ़, गंगापुर सहित कई गांव गंगा के बाढ़ से घिर चुके हैं। दुबे छपरा में बाढ़ राहत केंद्र स्थापित कर दिया गया है। हल्दी क्षेत्र के आधा दर्जन गांव भी घिर गए हैं। कई प्राथमिक विद्यालयों में पानी घुस गया। बघऊंच के पोखरा, बादिलपुर, भरखोखा के बंधूचक, भरसौंता भरसौंता, हल्दी, बाबुरानी, हंस नगर, उदंवत छपरा, राजपुर एकौना, बजरहां, चैनछपरा, रेपुरा के उचकवा डेरा, हरिहरपुर और सुजानीपुर गांव में पानी घुस गया। मक्का आदि की खेती बर्बाद होने के कगार पर है। प्राथमिक विद्यालय भरसौंता, हल्दी, बावूबेल, बादिलपुर, चैनछपरा, राजपुर, हरिहरपुर, सुजानीपुर आदि में पानी आ गया है। प्रधानाध्यापकों को पत्र लिखकर खंड शिक्षा अधिकारी बेलहरी लालजी वर्मा ने अभिलेख और आवश्यक सामग्री सुरक्षित करने को कहा है।