चितबड़ागांव। गाजीपुर बार्डर से सटे चितबड़ागांव कस्बा व ग्रामीण क्षेत्रों में रात नौ बजे के बाद सड़कों, चौराहा में पुलिस नहीं दिख रही। पिछले तीन माह में चोरी, छिनैती के 13 से अधिक मामले होेंने के बावजूद लापरवाही आमजन को भारी पड़ रही है। कस्बा में करीब 40 हजार की आबादी व दुकानों की सुरक्षा के लिए बने सहायता केंद्र रात में निष्क्रिय बने है। बृहस्पतिवार की रात 9.20 बजे से लेकर 10.30 बजे तक कस्बा के मुख्य चौराहों व बाजारों की पड़ताल में सड़कों और चौराहों पर पुलिस नहीं दिखी।
ठंड रात में आठ बजे के बाद गांव व कस्बा की सड़कें सुनी हो जा रही हैं। अपराधी प्रवृति की सक्रियता बढ़ जाती है। आमजन की सुरक्षा को लेकर रात के समय सड़कों से मार्शल व बीट जवान गायब रह रहे हैं। अधिकारियों का निर्देश का धरातल पर पालन नहीं किया जा रहा है। थाना प्रभारी व रात्रि अधिकारी भी चक्रमण करते नहीं दिख रहे। पुलिसकर्मियों की मौजूदगी नहीं होने से चोरों व बदमाशों के हौसले बढ़ गए हैं। व्यापारियों व उनकी दुकानों और राहगीरों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।
सीओ सदर राकेश सिंह ने कहा कि थाना क्षेत्र व कस्बा में सुरक्षा को लेकर डायल-112 पीआरवी व संबंधित थाना के मार्शल पूरी रात चक्रमण करते हैं। रात्रि अधिकारी भ्रमण करने के साथ निगरानी रखते हैं। इसकी औचक जांच भी की जाती है। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी।
रात 9.20 , पीसीओ तिराहा : चितबड़ागांव- मोहम्मदाबाद मार्ग के बाजार जाने वाले तिराहा पर पुलिस सहायता केंद्र पर ताला लटका मिला।आसपास बैंक, सौ से अधिक दुकानें हैं। उसके बावजूद कोई पुलिस नहीं मुस्तैद नहीं थी।
- रात 9: 28 बजे, चितबड़ागांव मोड़। एनएच-31 के बलिया-नरहीं मोड पर सुरक्षा को लेकर जनसहयोग से पक्का पुलिस सहायता केंद्र बना हुआ है। इसमें चार पांच जवान रह सकते हैं। उसके बावजूद रात के समय ताला लटका हुआ था। यह मोड पर 24 घंटा वाहनों का आवागमन होता है। बगल में दो पेट्रोल पंप, काॅलेज, शोरूम, ढाबा है।
- रात 09: 45 बजे, रेलवे स्टेशन : प्रयागराज रामबाग-बलिया पैसेंजर स्टेशन पर रुकी तो करीब 30 से अधिक यात्री उतरे। पांच छह बाइक से घर को निकल गए, अन्य पैदल कस्बे की तरफ चले गए। स्टेशन पर सुरक्षा को लेकर पुलिसकर्मी नहीं दिखा।
- रात 10: 05 बजे, शहीद स्मारक तिराहा : बाजार में पैदल व बाइक की आवाजाही थी। प्रकाश की व्यवस्था रही। बाजार व मोहल्ले में सुरक्षा को लेकर पुलिस की गश्त न होने के कारण शाम ढलते ही आराजक तत्वों का जमावड़ा हो जाता है।