चितबड़ागांव। स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा यात्रा निकाल रहे युवकों को पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद जमकर हंगामा हुआ। काफी हो हल्ला और पुलिस से नोकझोंक के बाद युवा यात्रा रद्द कर लौट गए। इस दौरान पुलिस की कार्यशैली पर क्षेत्र के लोगों में जबरदस्त नाराजगी देखी गई। रविवार को पूरे देश में जश्ने आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाई जा रही थी।
फेफना विधानसभा में विवेक सिंह कौशिक के आह्वान पर सैकड़ों युवाओं ने चितबड़ागांव नगर पंचायत के पीसीओ तिराहे से ध्वजारोहण कर तिरंगा यात्रा निकालने के उद्देश से पहुंचा। आरोप है कि दहां ध्वजारोहण करना था उस स्थल पर पहले से व्यवस्थित पाइप के टुकड़े को उखाड़ कर फेंक दिया गया था। इसके बाद आक्रोशित युवाओं ने तिरंगा यात्रा प्रारंभ की। इसमें रतसड़ तक हर शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम था। फेफना तिराहे तक पहुंचते ही तिरंगा यात्रा को बैरिकेडिंग कर और पुलिस की गाड़ियों को आड़े तिरछे लगाकर रोक दिया गया। आरोप है कि युवाओं पर लाठियां बरसाई गई। राष्ट्रीय ध्वज छीन लिया गया। विरोध में विवेक सिंह कौशिक युवाओं के साथ फेफना तिराहे पर धरने पर बैठ गए। कहा कि बलिया के इतिहास को कलंकित करने का काम पुलिस ने किया है। आरोप लगाया कि मंत्री के इशारे पर पुलिस ने यह कार्य किया है। नाराज युवाओं ने फेफना तिराहा स्थित शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित पर यात्रा स्थगित कर दी। वहीं, फेफना के एसओ संजय त्रिपाठी पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति के यात्रा निकाली गई थी। इसलिए इसे रोक दिया गया।