बलिया। हर क्षेत्र में महंगाई इस कदर बढ़ रही है कि लोगों का बजट पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। चाहे खाद्य सामग्री हो या पेट्रोल-डीजल व गैैस, हर चीज पर बेतहाशा वृद्घि हुई है। वही अब लोगों की सबसे जरूरत व कीमती स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी इसका असर हो गया है। कारण कि सुई से लेकर हर दवाओं पर पांच से 20 फीसदी की वृद्घि हुई है। हालाकि सरकार द्वारा बढ़ाया गया दाम अभी लागू नहीं हुआ है। अगर यह लागू हो जाता है तो आमजन का और बजट गड़बड़ा जाएगा।
बता दे कि एक तरफ सरकार लोगों की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कटिवद्घ है तो दूसरी तरफ सुई दवाओं पर वृद्घि कर आमजन के जेब को काटने का काम कर रही है। जिससे आमजन का बजट पूरी तरह से चौपट हो गया है। जबकि पूर्व की भांति ही लोगों की आमदनी आज भी है। स्वास्थ्य सुविधा को लेकर गरीब से लेकर अमीर तक पीड़ित है। आलम यह है कि हर व्यक्ति की कमाई का एक हिस्सा उसके सुई दवा पर खर्च हो जाता है। लेकिन दवा में हुई वृद्घि को लेकर हर वर्ग परेशान हो गया है। लोगों ने सुई दवा पर बढ़ाए गए मूल्य को वापस करने की मांग की। बलिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद कुमार सिंह ने बताया कि पहले लीव 52 टैबलेट 150 रुपए में एक डिब्बा मिलता था, लेकिन अब 170 में मिल रहा है। इसी प्रकार पेंटाप डी 99.5 रुपए में मिलता था, अब 109.5 रुपए में मिल रहा है। इसी प्रकार पेंटाच डीएसआर पहले 129.50 अब 140 रुपए में मिल रहा है। वही डोक्सेल पहले 90 अब 99 रुपया, रेबलेट पहले 288 अब 282, पीनएम पहले 289 अब 317 रुपए में बिक रहा है। इसी प्रकार अन्य सुई दवाइयों पर बेतहाशा वृद्घि हुई है।