बलिया। करीब दो माह से बारिश नहीं होने और अब पछुवा हवा चलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। धूप के साथ ही पछुवा हवा से फसलों के प्रभावित होने की संभावना रहती है। उधर, पछुवा हवा से ठंड में भी इजाफा हो गया है। करीब दो माह से बारिश बंद है और मौसम में भी आए दिन बदलाव भी हो रहा है। शुक्रवार की देरशाम को अचानक पछुवा हवा चलने से जहां ठंड में इजाफा हो गया वहीं रबी फसलों को लेकर किसान भी चिंतित हो उठे।
किसानों का कहना है कि तेज पछुवा के चलने से खासकर दलहनी फसलों के प्रभावित होने की संभावना रहती है। इसके अलावा सिंचाई किए गेहूं की फसल भी खराब होने का डर बना रहता है। किसानों का कहना है कि इस वर्ष काफी बारिश हुई लेकिन दो माह से बारिश बंद होने के कारण खेतों में नमी काफी कम है। इसके अलावा इस वर्ष कोहरा व शीत पर्याप्त नहीं पड़ने से दलहनी फसलों का बढ़ाव अपेक्षात्मक नहीं है। इस बीच पछुवा हवा चलने से इन फसलों को काफी नुकसान पहुंच सकता है। भरौली गांव निवासी अक्षय कुमार राय, उदय नारायन राय आदि ने बताया कि पछुवा हवा के चलते हर तरह की फसलें प्रभावित होती हैं और इससे पैदावार भी प्रभावित होने की संभावना रहती है।
लुढ़का पारा, ठंड में इजाफा
बलिया। बीते 24 घंटे से चल रही पछुवा हवा के कारण ठंड में भी बढ़ोतरी होने लगी है। शनिवार को अधिकतम 18 डिग्री व न्यूनतम 5 डिग्री तक पहुंच गया। धूप तो निकली लेकिन पछुवा हवा के चलते ठंड में कोई खास कमी नहीं रही। लोग घरों से बाहर निकलने के लिए पूरी तरह गर्म कपड़ों से लैस होकर ही निकले। शनिवार को अधिकतम व न्यूनतम दोनों की चार-चार डिग्री पारा लुढ़कने से ठंड से लोग सहमे रहे।
पांच दिनों में लुढ़का पारा
दिन------ अधिकतम न्यूनतम
मंगलवार- 24 09
बुधवार- 24 08
गुरुवार- 23 09
शुक्रवार- 22 09
शनिवार- 18 05