बलिया। जिले में इस माह पोषाहार उपलब्ध नहीं होने के कारण इसका वितरण नहीं हो सका। जिले के 3455 आंगनबाड़ी केंद्रों से पोषाहार वितरित नहीं होने से बच्चे व गर्भवती महिलाओं समेत कुल कुल 2.90 लाख लाभार्थी पोषाहार से वंचित रह गए।
बाल विकास विभाग के निदेशक ने चार अप्रैल को आदेश जारी किया था कि अप्रैल के 10,13 व 16 तारीख को बच्चों व गर्भवती महिलाओं में पोषाहार का वितरण किया जाएगा। यह कहा गया कि पोषाहार का वितरण आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं घर-घर जाकर करेंगी और लाभार्थी या उनके परिजनों से हस्ताक्षर कराए जाएंगे लेकिन फरमान हवाहवाई ही साबित होकर रह गया। जिले में न तो पोषाहार पहुंचा और न ही इसका वितरण ही हो सका। हर माह शासन की ओर से जिले में संचालित कुल 3455 केंद्रों के बच्चे व आंगनबाड़ी की ओर से चिह्नित गर्भवती महिलाओं के लिए पोषाहार उपलब्ध कराया जाता है और इसका वितरण आंगनबाड़ी केंद्रों पर किया जाता है। लेेकिन लॉकडाउन लागू होने के बाद सभी शिक्षण संस्थाओं के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद कर दिया गया। इसके बाद विभाग के निदेशक की ओर से पोषाहार के होम डिलीवरी का फरमान तो जारी किया गया लेकिन जिले में पोषाहार ही पहुंच सका जिससे लाभार्थियों में वितरण नहीं हो सका। उधर, इसकी जानकारी होने कांग्रेस नेता विनोद सिंह ने बाल विकास एवं पुष्टाहार के निदेशक के साथ ही नेता प्रतिपक्ष माननीय रामगोविंद चौधरी व बैरिया के विधायक सुरेंद्र सिंह को अवगत कराते हुए जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग की।
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इस माह अभी तक पोषाहार उपलब्ध नहीं होने के कारण वितरण नहीं हो सका है। पोषाहार उपलब्ध होते ही सभी केंद्रों के माध्यम से लाभार्थियों के घर तक पोषाहार पहुंचाने का काम किया जाएगा।- सेराज आलम, जिला कार्यक्रम अधिकारी।