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Ballia News: ट्रेनों में नो रूम, दीपावली पर घर पहुंचना हुआ मुश्किल

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बैरिया। दीपावली के त्योहार में मात्र 12 दिन का समय है। विभिन्न महानगरों से जनपद को आने वाली डाउन ट्रेन में अभी से रिग्रेट हो चुकी हैं। यह देख बस संचालकों ने भी बसों का किराया 2 से 3 गुना बढ़ा दिया है। ऐसे में परदेसियों का अपने परिवार के बीच दीपावली मनाने की उम्मीदें धराशाई होती नजर आ रही हैं। रेल प्रशासन की ओर से चलाई गई विशेष पूजा स्पेशल ट्रेन भी उन्हें कोई खास लाभ नहीं दे पा रही हैं।
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दीपावली के त्योहार में महज 12 दिन और छठ पर्व में 17 दिन देश हैं। ऐसे में सामान्य आरक्षित टिकट की तो बात ही छोड़िए, तत्काल टिकट भी नहीं मिल रहा है। विभिन्न महानगरों में नौकरी-रोजगार करने वाले प्रवासी अपने परिजनों को फोन कर बता रहे हैं कि रातभर जग कर स्टेशनों पर आरक्षित टिकट खिड़की के पास डेरा डालने के बाद भी हाथ में कंफर्म टिकट नहीं आ रहा है। स्पेशल ट्रेनों में भी वेटिंग है।
दीपावली 20 अक्तूबर को, छठ पर्व का नहाय खाय 25 अक्तूबर, खरना 26 अक्तूबर, संध्या अर्घ्य 27 अक्तूबर व उगते हुए सूर्य को अर्घ्य व पारण 28 अक्तूबर को है। मुंबई से आने वाली 11066 डाउन पवन एक्सप्रेस में दीपावली व छठ पर्व तक स्लीपर व वातानुकूलित डब्बे रिग्रेट हैं। अहमदाबाद से आने वाली 19165 डाउन साबरमती एक्सप्रेस में भी दीपावली व छठ के दिन तक स्लीपर से वातानुकूलित डिब्बों तक सीट रिग्रेट हो चुकी है।
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सूरत से आना वाली ताप्ती गंगा एक्सप्रेस, दिल्ली से आने वाली सद्भावना एक्सप्रेस, डाउन सियालदह-बलिया एक्सप्रेस में भी स्लीपर से एसी तक रिग्रेट है। दीपावली व छठ पर्व को देखते हुए महानगरों से आने वाली तमाम बसों का किराया दो से तीन गुना तक बढ़ा दिया गया है। 15 से 27 अक्तूबर तक दिल्ली से बलिया बस का किराया पहले जहां 1100 से 1500 रुपये लगता था उसे बढ़ाकर 2500 से 3500 रुपये कर दिया गया है।
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दीपावली से छठ तक डाउन में कन्फर्म टिकट मिलना नामुमकिन है, वही हाल छठ पूजा बाद अप ट्रेनों की है। - पंकज कुमार, वाणिज्य अधीक्षक, सुरेमनपुर
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