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अधिकांश क्वारंटीन सेंटरों पर प्रवासियों के भोजन का इंतजाम नहीं

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शोभाछपरा गांव में स्वास्थ्य टीम द्वारा ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण व सैंपलिंग करती स्वास्थ? - फोटो : BALLIA
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बैरिया। क्षेत्र के कई क्वारंटीन सेंटरों में प्रवासी मजदूरों के लिए भोजन की व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे सेंटरों में रह रहे क्वारंटीन प्रवासी खुद राशन खरीद कर भोजन बना रहे हैं। जबकि प्रदेश सरकार का निर्देश है कि क्वारंटीन सेंटर में रहने वाले प्रवासियों के लिए भोजन खाने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 80 रुपये के भुगतान का प्रावधान भी है।
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क्षेत्र के कुछ ही क्वारंटीन सेंटरों में प्रवासियों को पका पकाया भोजन मिल रहा है। कई क्वारंटीन सेंटरों में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। लोग खुले में शौच के लिए जा रहे हैं। क्वारंटीन सेंटर प्राथमिक विद्यालय करमानपुर में गुजरात के सूरत से 23 मई को आए मासूम बच्चों, महिलाओं समेत कुल 36 प्रवासी क्वारंटीन हैं। फिरोज, आलम, सलीम, मुन्ना, टुनटुन आदि ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने तीन दिन तक राशन की व्यवस्था कराई। पूर्व प्रधान ने एक वक्त का लंच पैकेट भी दिया। इसके बाद से वे खुद राशन खरीद कर भोजन बना रहे हैं। विद्यालय में शौचालय है लेकिन चालू नहीं है जिसके चलते सभी को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। ग्राम प्रधान लक्ष्मण यादव ने कहा कि शौचालय की चाबी भेजा ही जा रहा था कि प्रवासियों ने ताला तोड़कर उसका उपयोग करना शुरू कर दिया। कहा कि एक शौचालय स्कूल पर है, लेकिन 36 लोगों के लिए पर्याप्त नहीं है। उपजिलाधिकारी सुरेश कुमार पाल ने एबीएसए व एडीओ पंचायत बैरिया को करमानपुर स्थित क्वारन्टीन सेंटर पर प्रवासियों की समस्याओं को समाधान करने का निर्देश दिया है।
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