बलिया। यूपी बोर्ड ने शनिवार को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परीक्षाफल घोषित कर दिया। बिना परीक्षा हुए घोषित रिजल्ट में इस बार जिले के मेधावियों ने शानदार सफलता पाई है। वैसे विद्यालय 100 फीसदी रिजल्ट का दावा कर रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों का कहना है कि 95 से 96 फीसद विद्यार्थियों ने सफलता पाई है। हालांकि परीक्षाफल के जारी होते ही विद्यार्थी स्कूलों में पहुंचे और अपना परिणाम साथियों संग साझाकर खूब खुशी मनाई।
माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संबद्ध जिले के 609 विद्यालयों में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में इस बार कुल 163204 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इनमें हाईस्कूल में 84055 छात्र संस्थागत तौर पर पंजीकृत थे। इनमें 50468 छात्र और 33587 छात्राएं शामिल थीं। इसके अलावा व्यक्तिगत तौर पर हाईस्कूल में 359 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। जिनमें 267 छात्र और 92 छात्राएं थीं। इंटरमीडिएट में 76645 छात्र पंजीकृत थे। इसमें छात्र 46598 और छात्राएं 30047 शामिल थीं। इसके अलावा, प्राइवेट से इंटर में 2145 पंजीकृत थे, जिनमें 1569 छात्र और 576 छात्राएं शामिल थीं। इस बार कोरोना संक्रमण के कारण परीक्षाएं रद्द कर दी गई थीं। मूल्यांकन नीति के आधार पर छात्रों को इस बार पास किया गया है। हालांकि परिणाम आने से पहले विद्यार्थी थोड़ा परेशान थे लेकिन परिणाम आते ही आशंका के सारे बादल छंट गए और उन्होंने वर्तमान परिस्थिति में अच्छा परीक्षा परिणाम करार दिया। महर्षि वाल्मीकि विद्यामंदिर, अंकुर पब्लिक स्कूल, कृष्णा शिक्षा निकेतन का रिजल्ट बेहतर रहा। इसे लेकर छात्रों ने भी खुशी जताई है।
अब आईएएस की तैयारी
बलिया। महर्षि वाल्मीकि विद्या मंदिर की 12वीं छात्रा रितु सिंह ने 89.2 प्रतिशत अंकों के साथ स्कूल टॉप किया है। उसका कहना है कि अब आगे वह आईएएस की तैयारी करेगी। इसके लिए वह अभी से यूपीएससी की तैयारी में जुट जाएगी। उसने अपनी सफलता का श्रेय विद्यालय के अध्यापकों और माता-पिता को दिया।
यादगार लम्हों के बीच मोबाइल की सेल्फी
बलिया। यूपी बोर्ड का परिणाम घोषित होने के बाद अपनी सफलता से उत्साहित होनहारों ने विद्यालय परिसर में अपने मोबाइल से सेल्फी भी ली। कुछ बच्चों ने दोस्तों को शामिल किया। कई ऐसे भी छात्र-छात्राएं थीं, जिन्होंने गुरुजनों को साथ लेकर एक यादगार लम्हा कैमरे में भी कैद किया। बोर्ड परीक्षा परिणाम आने का विद्यार्थियों को लंबे समय से बेसब्री से इंतजार था। लेकिन तमाम स्कूलों में कोरोना संक्रमण के कारण विद्यार्थियों को नहीं बुलाया गया। थोड़े बहुत विद्यार्थी पहुंचे तो उन्होंने भी औपचारिक तरीके से जश्न मनाया।
कुछ की उम्मीदों को लगा झटका
बलिया। विद्यार्थियों का एक बड़ा वर्ग परिणाम को अच्छा करार दे रहा है, लेकिन कुछ विद्यार्थियों को इससे निराशा भी हाथ लगी। उनका कहना था कि इस बार तैयारी किए थे, लेकिन मूल्यांकन नीति के फेर में पड़कर उनके अंक प्रभावित हो गए। परीक्षा होने पर उन्हें बेहतर अंकों की उम्मीद थी। लेकिन जो मिला उन्होंने उसी में संतोष किया।