कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की है। इसी बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और यही लोग कोरोना जैसे खतरनाक वायरस को फैलाने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। बलिया में लोगों को भीड़ जुटाने से रोकने के लिए सभी धर्म स्थानों में ताला बंदी करा दी गई है।
ऐसे माहौल में भी रसड़ा नगर पालिका क्षेत्र के एक मौलाना ने लोगों को बहकाया और जुमे की नमाज पढ़ाने के नाम पर एक घर में 40-50 लोगों को जुटा लिया। इसकी भनक लगते ही मौके पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस को देखते ही नमाज अदा करने के लिए जुटे लोग इधर-उधर भागने लगे। पुलिस ने दौड़ाकर छह-सात लोगों को पकड़ लिया।
सभी को कोतवाली रसड़ा में बैठाया गया है। बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन के अनुरोध तथा कोरोना वायरस के मद्देनजर रसड़ा कस्बा के मस्जिदों में ताला लगा रहा। लेकिन मौलाना के बहकावे में आकर 40-50 मुस्लिम बंधु एक जगह नमाज अदा करने के लिए एकत्र हो गए। इनके इकट्ठा होने को लेकर इलाके में सुगबुगाहट शुरू हुई तो किसी ने इसकी सूचना रसड़ा कोतवाली पुलिस को दे दी।
सूचना मिलते ही एसएचओ रसड़ा सौरभ अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस टीम को देखते ही एक घर के बड़े से हाल में इकट्ठा होकर नमाज अदा कर रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। वे लोग इधर-उधर भागने लगे। तब पुलिस ने कई को दौड़ाकर पकड़ लिया। इस दौरान मौका पाकर लोगों को जुटाने वाला मौलाना भी फरार होने में सफल रहा।
पुलिस पकड़े गए सभी लोगों को लॉकडाउन तोड़ने के आरोप में रसड़ा चौकी ले गई। वहां इन्हें देर शाम तक बैठाए रखा। मामले में एसएचओ ने बताया कि सभी लोगों को चौकी में बैठाया गया है और उन्हें कोरोना वायरस को गंभीरता से लेने की जानकारी देने के साथ ही यह बताया जा रहा है कि यदि इसी तरह लापरवाही करते रहे तो स्थिति काफी खतरनाक हो सकती है।
उनकी एक छोटी सी चूक पूरे देश व जिले को संकट में डाल सकती है। उन्हें समझाया जा रहा है कि उन्हें दूर-दूर रखने के लिए सरकार इतना प्रयास कर रही है और पूरी मानव जाति पर खतरे के रूप में मंडरा रहे कोरोना को उनकी यह मुर्खतापूर्ण हरकत फैलाने में सहायक सिद्ध हो सकती है।
जिसने भी लॉक डाउन तोड़ा है उसके विरूद्ध कार्रवाई होना तय है। चाहे वे हिंदू हों या मुसलमान, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। जो लोग भी रसड़ा में पकड़े गए हैं उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। आगे भी ऐसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
संजय कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक, बलिया