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आंगनबाड़ी केंद्र में लटक रहा ताला

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बैरिया विकास खंड बैरिया में लाखों रुपये की लागत से बना आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला लटकता रहता है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री खुद के भवनों में पढ़ाने नहीं जाती है। अलबत्ता कभीकभार प्राथमिक विद्यालयों में उपस्थिती जरुर दर्ज करा देती है। इतना ही नहीं अधिकतर कार्यकर्ता बच्चों को पढ़ाना भी जरूरी नहीं समझती है।
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बच्चों व गर्भवती महिलाओं को वितरण के लिए मिलने वाला चने का दाल, घी, दलिया व अन्य पौष्टिक आहार, खाद्यान्न वितरण के लिए भले ही सरकार ने स्वयं सहायता समूह को जिम्मेदारी दे रखी है, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अब इसका भी तोड़ निकाल लिया है। क्षेत्र के चकिया ग्राम पंचायत अंतर्गत जमालपुर का आंगनबाड़ी केंद्र तो महज एक बानगी भर है। वैसे तो वर्ष 2016 में यहां आंगनबाड़ी केंद्र का भवन बनकर तैयार हो गया और सभी सुविधाओं से भी लैस कर दिया गया था। लेकिन अब तक आंगनबाड़ी केन्द्र के भवन पर ताला ही लटका रहता है। हालांकि चकिया ग्राम पंचायत में कुल नौ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तैनात है, उसमें से सिर्फ जमालपुर गांव में पांच कार्यकत्री कार्य करती है। लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र के भवन में एक भी कार्यकर्ता एक दिन भी बच्चों को पढ़ाने नहीं पहुंची। भले ही कभी कभार उपस्थिती दर्ज कराने प्राथमिक विद्यालयों पहुंच जाती है।
कुछ ऐसा ही मंजर ग्राम पंचायत शिवाल के आंगनबाड़ी केंद्र का है, जहां करीब दस वर्ष बाद भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों को पढ़ाने नहीं पहुंचती है। गांव के प्राथमिक विद्यालय के बगल में ही वर्ष 2011 में आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण हुआ था, जहां दो कार्यकर्ताओं की तैनाती है। लेकिन एक भी कार्यकर्र्र्ता बच्चों को पढ़ाने नहीं पहुंचती और न तो आंगनबाड़ी के भवन में एक भी बच्चा पढ़ने पहुंचता है।
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ब्लॉक में है 204 आंगनबाडी केंद्र
बैरिया। विकासखंड में कुल 204 आंगनबाड़ी केंद्रों के सापेक्ष 160 सामान्य आंगनबाड़ी केंद्र व 44 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र स्थापित है। जिसके सापेक्ष कुल पांच आंगनबाड़ी भवन को विभाग के हवाले किया गया है,जबकि 13 भवन निर्माणाधीन है। तीन वर्ष तक के कुल 17500 बच्चें है वही 845 बच्चें कुपोषित है।
जहां आंगनवाड़ी केंद्र का अपना भवन निर्माण हो चुका है, उसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा बच्चों को पढ़ाना अनिवार्य है। यदि किसी भवन में ताला लटकता रहता है तो जांचोपरांत कार्रवाई किया जाएगा।
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- राकेश कुमार यादव, सीडीपीओ, विकासखंड बैरिया।
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