बलिया। विपणन विभाग के कर्मियों की हड़ताल में अब किसान भी पिसने को मजबूर हैं। हड़ताल के कारण कई जगह किसान दो से तीन दिनों से कड़ाके की ठंड में क्रय केद्रों पर रात बिता रहे हैं। मौसम खराब होने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। शुक्रवार को सुखपुरा में किसानों ने चक्का जाम कर विरोध भी जताया था। डिप्टी आरएमओ ने शनिवार से खरीद होने का आश्वासन दिया था, लेकिन शनिवार को भी क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं हुई। इसको लेकर किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
बांसडीह में धान खरीद को लेकर किसानों के पक्ष में शनिवार को समाजवादी पार्टी उतर गई और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी बांसडीह को सौंपा। सपा विधानसभा अध्यक्ष हरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में बताया गया है प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के धान क्रय करने का वादा किया है ताकि किसानों की आय दोगुनी हो सके। लेकिन अब तक किसानों का धान नहीं खरीदा गया। केवल कागजों पर ही खरीदारी हो रही है। इस मौके पर रविन्द्र सिंह, अशोक यादव, विनय कुमार गोंड, सत्यम सिंह सन्नी, अभिषेक मिश्र मिंटू, मंटू बाबा, नन्दलाल यादव, राणा कुणाल सिंह, सज्जाद अनवर, अभय सिंह, अंगद मिश्र, यदुनाथ सिंह, शुभम सिंह आदि रहे। उधर, धान क्रय केंद्रो पर तैनात क्रय अधिकारियों की चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण क्रय केंद्र केवरा पर शनिवार को भी ताला लगा रहा। जिसको लेकर किसानों की चिंताएं बढ़ती जा रही है। कारण कि धान खरीद न होने से किसान अपनी निजी संसाधन लेकर दिन रात क्रय केंद पर इस उम्मीद में हैं कि हमारा भी धान क्रय केंद्र पर खरीदा जाएगा।
चितबड़ागांव नगर पंचायत स्थित विपणन केंद्र पर शनिवार को ताला लटका रहा और बाहर किसान ट्रैक्टर ट्राली पर धान लोड करके इंतजार करते मिले। केंद्र पर ट्रैक्टर ट्रालियों पर धान लोड करके किसान मंजूर पुर निवासी कमलेश सिंह, सुजायत के विनोद सिंह, मदन मोहन सिंह, रामायण यादव, नसीरपुर कला के रामजी सिंह ने बताया कि ऐसी स्थिति कभी नहीं आई थी। गड़हांचल में धान की खरीदारी किसानों के लिए बड़ी समस्या बन चुका है। चौरा कथरिया क्रय केंद्र पर दो दिनों से क्रय केंद्र बंद है। किसान ट्रैक्टर ट्रालियों पर धान लादकर क्रय केंद्र आते हैं और बैरंग वापस लौट जा रहे हैं। एक नवंबर से धान की खरीदारी शुरू होनी थी लेकिन 14 दिसंबर से चौरा कथरिया क्रय केंद्र पर धान की खरीदारी शुरू हुई। किसानों को लगा कि देर सबेर उनके धान की खरीद हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। किसान अंजनी सिंह, देवेन्द्र कुमार, सुरेन्द्र सिंह, वीरबहादुर, सुदामा सिंह, अशोक सिंह, संतोष, सूर्य नाथ सिंह ने बताया कि धान खरीद में काफी हीला हवाली की जा रही है। कभी बोरे का बहाना तो कभी मिलरों की समस्या बता कर खरीदारी नहीं की जा रही है। अब शुक्रवार से हड़ताल बता कर क्रय केंद्र बंद कर दिया गया है और किसान धान बेचने के लिए परेशान हैं। इन किसानों की समस्या को सुनने वाला कोई नहीं है। किसानों ने चेतावनी दिया कि यदि धान खरीद नहीं हुई तो आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।