बलिया के उभांव थाना क्षेत्र में वर्ष 2014 में हुए दोहरे हत्याकांड में आठ साल बाद न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय अरुण कुमार ने छह आरोरियों का आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। एक को दोषसिद्ध न होने पर दोषमुक्त कर दिया।
ग्राम बासतराव बेलौली थाना मधुबन जिला मऊ निवासी बिंदेश्वरी तिवारी व उनका पुत्र परशुराम तिवारी 31 अगस्त 2014 को अपने पट्टीदार गिरीश तिवारी की बहू की अंत्येष्टि करने उभांव थाना क्षेत्र स्थित श्मशान घाट पर गए थे। लौटते वक्त आरोपियों ने दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी।
मामले में बिंदेश्वरी तिवारी के पुत्र आनन्द तिवारी ने उभांव थाने में तहरीर देकर अपने भाई और पिता की हत्या के आरोप में धनंजय सिंह उर्फ बबलू सिंह, राजेश उर्फ चिंटू सिंह, अनूप सिंह व प्रवीण तिवारी उर्फ सोनू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। विवेचना के दौरान स्वामीनाथ तुरहा, संपूर्णानंद यादव तथा अरुण सिंह का नाम विवेचक द्वारा मुकदमे में शामिल किया गया। अभियोजन की तरफ से 12 गवाह प्रस्तुत किए गए।
मामले में न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश फस्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय अरुण कुमार ने अभियुक्त राजेश सिंह उर्फ चिन्टू सिंह, अनूप सिंह, प्रवीण तिवारी उर्फ सोनू , धनंजय सिंह निवासीगण वासतरॉव थाना मधुबन जनपद मऊ, संपूर्णानंद यादव उर्फ बुआ निवासी कघरापुर थाना मधुबन जनपद मऊ तथा स्वामीनाथ तुरहा निवासी वेलौकी थाना मधुबन जनपद मऊ को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर 06-06 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं साजिश के आरोपी अरुण सिंह के खिलाफ दोषसिद्ध न होने पर दोषमुक्त कर दिया।