जिले के सभी ऐसे होटल, रेस्टोरेंट क्लब और मैरिज हाल जिनमें आयोजक पार्टी के दौरान मदिरापान का आयोजन करते हैं, उन आयोजनकर्ताओं को ऑकेजनली लाइसेंस प्राप्त करना होगा। जिला आबकारी अधिकारी अनुपम राजन ने कहा कि आबकारी विभाग से ऑकेजनल बार लाइसेंस (एफएल-11) प्राप्त किए बिना किसी भी परिस्थिति में मदिरापान न कराया जाए। यदि बिना ऑकेजनल बार लाइसेंस शराब पिलाते पाया जाता है तो संबंधित होटल रेस्टोरेंट क्लब एवं मैरिज लॉन के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि शादी विवाह के मौसम में अक्सर लोग मदिरा पान की व्यवस्था करते है, लेकिन अब शासन ने बिना लाइसेंस के इस तरह का आयोजन को गैरकानूनी और अपराध की श्रेणी में शामिल किया है।
घर में आयोजन पर चार व बाहर के लिए लगेंगे 11 हजार
जिला आबकारी अधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि घर में ऑकलेजन बार का लाइसेंस लेने के लिए लोगों को चार हजार व बाहर होटल, रेस्टोरेंट और मैरिज हाल में मदिरा की पार्टी करने के लिए 11 हजार रुपये चुकाने होगें।
यह है ऑकेजनल बार लाइसेंस लेने की प्रक्रिया
जिला आबकारी अधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि ऑकेजनल बार लाइसेंस (एफएल-11) का आवेदन आबकारी विभाग की वेबसाइट यूपी एक्साइज ऑनलाइन डॉट इन में जाकर यूजफुल पब्लिक सर्विसेज के आइकन पर क्लिक करके जरनल बार लाइसेंस के आईकान के अंदर प्रथम बॉक्स में रजिस्ट्रेशन कर, दूसरे बॉक्स में निर्धारित शुल्क का भुगतान कर स्वीकृत ऑकेजनल बार लाइसेंस की प्रति पोर्टल से निकाली जा सकती है।