सरकार लाख दावा करे लेकिन विद्युत विभाग अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहा। सरकार की ओर से लोगों को तुरंत कनेक्शन देने के लिए झटपट पोर्टल पर आवेदन की व्यवस्था की गई है। लेकिन इस पर आवेदन करने वालों को भी महीनों तक इंतजार करना पड़ता है। इतना ही नहीं कनेक्शन देने के बाद विभागीय कर्मी कागजों में ही मीटर एक्टिवेट कर कोरम पूरा कर लेते हैं।
आम लोगों को आसानी से बिजली का कनेक्शन मिल सके इसको लेकर शासन की ओर से यूपीपीसीएल की ओर से झटपट पोर्टल की शुरुआत की गई। इस पोर्टल पर जरुरतमंद घरेलू व कामर्शियल विद्युत कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने का प्रावधान किया गया। आवेदन के लिए आवेदनकर्ता को बतौर प्रोसेसिंग फी 59 रुपये जमा करना होता है। इसके बाद जांच के लिए तीन तिथियों को चुनना होता है। इस तरह कुल सात दिनों में कनेक्शन जारी करने का प्रावधान है। लेकिन आलम यह है कि आवेदन करने के बाद भी जहां लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है वहीं, अगर किसी तरह कनेक्शन मिला भी तो मीटर लगाने में मनमानी की जाती है। बतौर उदाहरण सोहांव ब्लॉक के भरौली निवासी रानी ने सात जुलाई को घरेलू कनेक्शन के ऑनलाइन आवेदन किया। जांच में लटकाए रखने के बाद छह सितंबर को कनेक्शन रिलीज किया गया जिसमें मीटर का सीरियल नंबर व सीलिंग सर्टिफिकेट नंबर भी दिया गया मौके पर अब भी मीटर नहीं लगाया गया। कर्मचारियों का कहना है कि मीटर के लिए कंप्लेन करना होगा क्योंकि मीटर वापस हो गया है। इसके अलावा 20 दिनों से अधिक समय झटपट पोर्टल पर 22 आवेदन लंबित हैं जिसका निस्तारण नहीं हो सका है।
कनेक्शन के साथ ही मीटर लगाने का निर्देश सभी अवर अभियंताओं को दिया गया है। मीटर सील कर एक्टिवेट करने के बावजूद नहीं लगाने की शिकायत मिलने पर जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- चंद्रेश उपाध्याय, अधिशासी अभियंता, विद्युत