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डेढ़ माह में लक्ष्य के सापेक्ष 15 फीसदी हुई खरीद, छह केंद्र हुए बंद

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बलिया। धान क्रय केंद्रों पर खरीद चल रही है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में तमाम किसान धान नहीं बेच पा रहे हैं। कहीं किसानों को बोरे की समस्या से जूझना पड़ रहा है तो कहीं किसी और समस्या का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रों पर लक्ष्य के अनुरूप खरीद नहीं हो सकी है। डेढ़ माह में लक्ष्य के सापेक्ष करीब 15 फीसदी ही खरीद हो सकी है। उधर, छह क्रय केंद्रों को विभिन्न कारणों से बंद कर दिया गया है। संचालित 80 के सापेक्ष अब केवल 74 केंद्रों पर ही खरीद हो रही है।
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क्रय केंद्रों पर अब धान की खरीद भी तेज हो गई है। केंद्रों पर अब किसान पहुंचने लगे हैं। हालांकि खरीद के डेढ़ माह बीत चुके हैं। लेकिन अभी जिले में 2808 किसानों से कुल 17000 मी. टन धान की खरीद हो सकी है। जिले में इस वर्ष लगातार बारिश से जलभराव व बाढ़ से फसलों की काफी क्षति हुई है ऐसे में धान का पैदावार भी प्रभावित होने की आशंका है। जिले में एक नवंबर से किसानों से धान खरीद को लेकर कुल 80 क्रय केंद्र संचालित किए गए। शुरुआत के एक पखवारा तक तो किसी भी क्रय केंद्र पर किसी किसान के नहीं पहुंचने के कारण कोई खरीद नहीं हो सकी। लेकिन अब खरीद की गति पकड़ने लगी है फिर भी गति काफी सुस्त है। जिले में निर्धारित लक्ष्य 124400 मी. टन के सापेक्ष अब तक कुल 17 हजार मी. टन धान की खरीद हो चुकी है। कई केंद्रों पर तो मनमानी की भी बात सामने आ रही है। किसानों को बहाना बना कर लौटा दिया जाता है।
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87 फीसदी किसानों का किया गया है भुगतान
जिले में कुल 2808 किसानों से अब तक 17 हजार मी. टन धान की खरीद की गई है। इसके सापेक्ष 2443 किसानों का भुगतान किया गया है। जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि विपणन विभाग की ओर से शत प्रतिशत किसानों का भुगतान किया जा चुका है।
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धान बेचने के लिए कई दिन चक्कर लगाना पड़ रहा क्रय केंद्र का
रेवती। धान की खरीदारी विपणन कार्यालय स्थित धान क्रय केंद्र पर बीते 18 नवंबर से धान खरीद किया गया। डूबे क्षेत्र के किसानों का धान आने में कुछ विलंब हुआ। धान क्रय केंद्र पर स्थित खाद्य एवं रसद विभाग के एसएमआई राजीव चौरसिया ने बताया कि अब तक 6428 कुंतल धान खरीदा गया है। यह धान 114 किसानों से क्रय किया गया है। एसएमआई ने बताया कि मिलरों की हड़ताल की वजह से मिलों के अटैच होने में विलंब हुआ। यह केन्द्र अब अटैच हो गया है। अब धान भेजने का काम शुरु किया गया है।
धान क्रय केंद्र पर उपस्थित गायघाट के किसान नंदकिशोर यादव ने बताया कि सभी कागजातों को पूरा करने के बाद एक सप्ताह से नंबर लगा है लेकिन अभी तक धान की खरीद नहीं हो पाई है। कुसौरी कला के किसान विनय कुमार सिंह ने बताया कि मेरा नंबर 32 वें नंबर पर था। 15 नवंबर को सारे कागजात जमा करने के बाद भी धान का क्रय नहीं किया जा सका है। उसी तिथि को 30 नंबर वाले किसान मदन सिंह का भी यही कहना था कि सारे दस्तावेज पूरा करने के बाद जमा किया लेकिन धान खरीदा नहीं जा सका। इसी गांव के ही करमचंद सिंह ने भी इसी प्रकार की बातें बताते हुए धान क्रय नहीं किए जाने की बात कही।
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शुरुआत में धान की आवक काफी कम रही। अब जैसे-जैसे किसानों के धान तैयार हो रहे हैँ, वह केंद्रों पर लेकर पहुंच रहे हैं। अब धान खरीद तेज हो चुकी है। विभिन्न कारणों से छह क्रय केंद्रों को बंद किया गया है। धान खरीद में लापरवाही मिलने पर संबंधित केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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- अविनाश चंद सागरवाल, जिला विपणन अधिकारी, बलिया
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