बलिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को जिले में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा करने के लिए आए थे। उन्होंने यहीं से बलिया, मऊ और आजमगढ़ तीनों जिलों की तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने जिला जेल में बंदियों के कोरोना संक्रमित मिलने पर आश्चर्य जताते हुए इसकी जांच डीआईजी आजमगढ़ को सौंपी। जल्द ही रिपोर्ट देने का निर्देश भी दिया।
मीटिंग के दौरान ही अचानक सीएम ने बलिया सीएमओ की तरफ रुख कर सवाल दाग दिया आपके पास कितने डॉक्टर हैं। इस सवाल पर सीएमओ ने पहले 169 और फिर 129 बताया। सीएम का दूसरा सवाल था, इसमें फिजिशियन कितने हैं तो सीएमओ बोले दो। तब सीएम ने पूछा 129 में केवल दो फिजिशियन हैं, बाकी क्या हैं, तो जवाब मिला कुछ कार्डियोलॉजिस्ट हैं, कुछ सर्जन हैं, कुछ..सीएमओ अभी आगे बोलते तभी सीएम योगी ने पूछा ये कुछ क्या होता है, क्या तुम्हे ये भी नहीं पता कि कौन सा डॉक्टर्स किस का स्पेशियलिस्ट है। सीएमओ के पास कोई जवाब नहीं था। फिर अचानक उन्होंने सवाल दाग दिया तुम्हारे यहां जो एल-वन अस्पताल हैं उनमें कितने बेड पर ऑक्सीजन उपलब्ध है। सीएमओ का जवाब था हर बेड पर उपलब्ध है सर, सीएम ने अपना सवाल फिर दुहराया मैंने पूछा है एल-1 में कितने बेड पर ऑक्सीजन उपलब्ध है, जवाब फिर वही था, सभी बेड पर उपलब्ध है सर, मामला बढ़ता इससे पहले ही डीएम श्रीहरि प्रताप शाही ने स्थिति संभाली और बताया कि सर ये नए हैं अभी एक सप्ताह पहले ही आए हैं, यहां अभी किसी एल-1 में बेड पर आक्सीजन उपलब्ध नहीं है। इस पर सीएम ने कहा कि एक सप्ताह काफी होता है, चीजों समझने के लिए इन्हें देखकर नहीं लगता कि इन्होंने अभी कुछ समझा है। इसके साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी को भी निशाने पर ले लिया। कहा कि यहां पहले तैनात सीएमओ जिले में नहीं रहता था, लगातार भ्रष्टाचार में लिप्त था तो इसकी जानकारी मुझे संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनंद स्वरूप से मिली, जबकि ये जानकारी जिलाधिकारी के माध्यम से मिलनी चाहिए थी, यह स्थिति ठीक नहीं है। यदि कोई भी कार्य नहीं करता या भ्रष्टाचार में शामिल है तो इसकी जानकारी तत्काल मुझे दी जाए।
इसके बाद उन्होंने अभी तक मऊ में एल-2 लेवल का अस्पताल नहीं होने पर जिलाधिकारी व सीएमओ मऊ को निशाने पर लिया। जिलाधिकारी मऊ ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि एक प्राइवेट अस्पताल में एल-2 की सुविधा उपलब्ध है। इस पर सीएम ने कहा कि आप सरकारी अस्पताल चलाने के जिम्मेदार हैं कि प्राइवेट अस्पताल चलाने के जिम्मेदार हैं। चार माह हो गए, इन चार माह में आप दोनों (जिलाधिकारी व सीएमओ मऊ) ने क्या किया, एल-2 का अस्पताल तक तैयार नहीं करा सके, यही स्थिति रही तो आप लोगों पूरे जिले में कोरोना फैला देंगे। इसके बाद कमिश्नर को भी लपेटे में ले लिया और कहा कि आप यहां आजमगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, इसलिए वहां की पूरी जानकारी आपके पास होनी चाहिए। अंत में जिला जेल बलिया में अचानक बढ़े कोरोना पॉजिटिव केस की जांच का जिम्मा डीआईजी आजमगढ़ को दिया और कहा कि जांच कर बताएं कि आखिर लापरवाही कहां हुई है।
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