सुखपुरा। जनपद में खस्ताहाल सड़कों की कोई सुध नहीं लेने से नाराज ग्रामीणों को जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं के होर्डिग्सि़ लगानी पड़ रही है। सुखपुरा गांव से विश्वविद्यालय तक छह किलोमीटर लंबे नहर पटरी मार्ग के निर्माण के लिए कई स्थानों पर होर्डिग्सि़ लगाई गई हैं, जो कि चर्चा का विषय बनी हुई है।
बलिया-सिकंदरपुर रोड से सुखपुरा नहर पटरी होते हुए जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय संपर्क मार्ग के निर्माण की मांग कई वर्षों से हो रही है। मार्ग की खस्ताहालत की स्थिति यह है कि ग्रामीणों ने इससे आवागमन को भी बंद कर दिया है। इस मार्ग का निर्माण न होने से विश्वविद्यालय तक पहुंचने में सुखपुरा के साथ ही आसपास के गांव के लोगों को अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि इसी नहर से जुड़े सुखपुरा-जनऊपुर-रतसड़ लगभग 8:30 किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण के लिए मार्च महीने में ही प्रदेश सरकार के मंत्री उपेंद्र तिवारी के सहयोग से लगभग 23 करोड़ का प्रोजेक्ट स्वीकृत करा दिया गया। जबकि इसी मार्ग के छह किलोमीटर लंबे सुखपुरा अपायल होते हुए जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय तक मार्ग की कोई सुधि ही नहीं ले रहा है। इस मार्ग के निर्माण के लिए युवा कई बार आंदोलन भी कर चुके हैं। अब जनप्रतिनिधियों को ध्यान दिलाने के लिए होर्डिग्सि़, पोस्टर और बैनर का सहारा लिया जा रहा है। पोस्टर पर राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, राज्यसभा सांसद सकलदीप राजभर, सांसद वीरेंद्र सिंह, सांसद रविंद्र कुशवाहा, एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू, विधायक रामगोविंद चौधरी, प्रदेश सरकार के मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, मंत्री उपेंद्र तिवारी आदि के नाम अंकित किए गए हैं। साथ ही अनुरोध किया गया है कि विश्वविद्यालय मार्ग निर्माण पर ध्यान दें। स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं का कहना है कि मार्ग निर्माण के लिए यदि ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।