बलिया। घाघरा नदी के किनारे कटान के कारण आसपास के गांवों के किसानों की स्थिति भयावह हो गई है। शासन स्तर पर अनेक बार इस मुद्दे को उठाने के बाद भी कटान रोकने हेतु कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।
उक्त बातें विपक्ष के नेता रामगोविंद चौधरी ने बुधवार को प्रेस को जारी अपने एक बयान में कही। कहा कि रेवती क्षेत्र के गोपाल नगर, वशिष्ठ नगर सहित कई गांवों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। हजारों एकड़ कृषि योग्य किसानों की भूमि घाघरा के कटान से नदी में समाहित हो गई है। उन्होंने शासन से मांग किया कि तत्काल गोपाल नगर, वशिष्ठ नगर, मठिया आदि गांवों के निवासियों के फसल नुकसान का मुआवजा दिया जाय। साथ ही जिनकी जमीनें कटान से नदी में विलीन हुई हैं, उसका आंकलन कराकर मुआवजा दिया जाय। जिनके मकान गिर गए हैं, उन्हें आवास दिया जाय। कहा कि समाजवादी पार्टी द्वारा इस मुद्दे पर सड़क से सदन तक संघर्ष छेड़ा जाएगा।