बलिया। शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में रविवार की शाम महावीर घाट स्थित गायत्री शक्तिपीठ परिसर में दीप दान महायज्ञ में एक साथ एक लाख 21 हजार दीपों को प्रज्ज्वलित किया गया। जनपद के कोने-कोने से आए हजारों गायत्री परिजनों ने दीप दान किया। बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के संसदीय कार्य राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल और विशिष्ठ अतिथि के तौर पर जिलाधिकारी श्रीहरिप्रताप शाही मौजूद रहे। गंगा नदी के किनारे बने गायत्री शक्तिपीठ पर काफी उत्साह के साथ नगर वासियों ने आस्था के साथ यथासंभव दीप प्रज्ज्वलन किया। युवक-युवतियों के साथ ही वृद्धों और बच्चों ने भी दीप दान में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान शक्तिपीठ का उत्सव काफी आनंदित करने वाला रहा। शक्तिपीठ के प्रमुख विजेंद्र नाथ चौबे ने मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल, जिलाधिकारी श्रीहरिप्रताप शाही समेत सभी अतिथियों को तिलक लगाकर व फूल से स्वागत किया। इस अवसर पर धनश्याम पांडेय, अमित दूबे आदि रहे।
महावीर घाट स्थित गायत्री शक्तिपीठ पर 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार के द्वारा समस्त देवी-देवताओं का आवाह्न कर हवन किया गया। इसके साथ ही विभिन्न संस्कारों को कराया गया। इस दौरान पूरे दिन भक्तों का रेला लगा रहा। शांतिकुंज हरिद्वार से आए आचार्य सुरेंद्र सिंह ने संस्कारों के विषय में बताया कि संस्कारों की गौरवशाली परंपरा है, जिसे पुन: स्थापित करना आवश्यक है। विश्व में हम चोटी के लोग हैं, इसलिए हमारी चोटी है। शिखा के गौरवशाली अतीत को समझें और लोगों को जोड़ें। कहा कि जनेऊ को सिर्फ सूत मत समझें यह एक सूत्र है। इसमें पांच देवता हैं, जिसमें ब्रह्मा श्रृजन, विष्णु पोषण, शिव उत्तरदायित्व, यज्ञदेव त्याग व सूर्य नियमितता के देवता हैं, जिनका यज्ञोपवित के सूत्र में सर्वदावास होता है। इस अवसर पर आचार्य सुनील द्विवेदी, राकेश पांडेय, बबलू, बेबी सिंह, अनिल द्विवेदी, विवेक सिंह, सत्यदेव गुप्ता पप्पू, सर्वेश, संजय कुशवाहा, कुमारी दिव्यांजलि, ममता गुप्ता, कंचन चौबे, रविंद्र नाथ पांडेय, अशोक, प्रमिल दुबे, शिव प्रताप, सत्यदेव प्रसाद, केदारनाथ यादव, विशाल गुप्ता, सत्यदेव, रविन्द्र नाथ श्रीवास्तव, रविंद्रनाथ पांडेय, अशोक सिंह, शांति देवी रहे।