मझौवां/ नरहीं। गंगा की बाढ़ से तटवर्ती इलाके के लोग परेशान हैं। शाहपुर, बभनौली, इच्छा चौबे का पूरा गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। गंगहरा-रैया खाड़ी गांव जाने वाला मार्ग बाढ़ में कटकर बह गया। वहीं, शाहपुर-बभनौली पुरानी बस्ती में जाने वाला मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। गांव के पास पुलिया धंसने से वाहनों का आवागमन प्रभावित है। बैरिया तहसील के गांव, खेत, सड़क, स्कूल, काॅलेज, स्वास्थ्य केंद्र में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। भरसौता से लेकर चक्की नौरंगा तक की जमीन जलमग्न हो गई है।
60 से अधिक गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। रामगढ़, सुघर छपरा, दूबे छपरा, पाण्डेयपुर, चक्की नौरंगा इलाकों में बाढ़ चौकी केवल फाइलों में चल रही है। बाढ़ प्रभावित गांवों में जाने वाले संपर्क मार्गों पर 5 फीट पानी भरा है। गंगा की लहरें राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के संवेदनशील पॉइंट व निर्माणाधीन किमी 26.250 पर टकरा रही हैं।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गायघाट गेज पर बुधवार की शाम 4 बजे गंगा का जलस्तर 59.520 मीटर दर्ज किया गया। फिलहाल नदी का पानी 3 घंटे में 1 सेमी बढ़ रहा है। गंगा इस समय लाल निशान से 1.905 मीटर ऊपर बह रही हैं। नदी और हाई फ्लड लेवल 60.390 के बीच का फासला मात्र 87 सेमी है।
चक्की नौरंगा में अब तक 99 मकान हुए विलीन : गंगा की बाढ़ में अब तक सिर्फ चक्की नौरंगा में 99 मकान गंगा नदी में कटकर बह गए। कटान पीड़ितों के बच्चे भूखे पेट रहने पर मजबूर है।
वीरेंद्र राम और लक्ष्मण राम ने कहा कि प्रशासन की तरफ से हम लोगों को कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है। शुद्ध पेयजल, भोजन, राहत कीट, पशुओं के चारे, रोशनी, नाव, स्वास्थ्य सुविधा से अब तक वंचित हैं। बच्चे व बुजुर्ग महिलाएं दाने-दाने के लिए मोहताज हैं।
किसान दीनानाथ तिवारी, वीरेंद्र तिवारी, शंभू मिश्र, यदुनाथ मिश्र, राजमंगल ठाकुर, वीरेंद्र ठाकुर, विनोद ठाकुर, रवीन्द्र ठाकुर, अखिलेश ठाकुर ने कहा कि 15 जुलाई से लेकर आज तक हम लोगों के खेतों में बाढ़ का पानी चौथी बार भर गया। इससे गेहूं, मसूर, सरसों, चना, खेसारी की फसल खराब होगी।