बैरिया। साइबर अपराधियों की ओर से नित नए माध्यमों से भोले-भाले लोगों को ठगी शिकार बनाने के मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान चलाकर आयुष्मान कार्ड बनाना शुरू किया गया तो ठगों ने इसे भी माध्यम बना लिया गया। थाना क्षेत्र में कुछ स्थानों पर इसे लेकर भी ठगी करने के मामले सामने आए हैं। मामले की शिकायत पुलिस से की गई तो उन्होंने पीड़ितों को साइबर सेल का नंबर थमा दिया।
बैरिया के रकबा टोला निवासी शीला देवी पत्नी राजू प्रसाद के घर बुधवार अपराह्न दो युवक मोटरसाइकिल से पहुंचे। अपने को स्वास्थ्य कार्यकर्ता बताते हुए आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए आधार कार्ड और बैंक पासबुक मांगा। महिला शीला देवी ने आधार कार्ड और बैंक पासबुक दे दिया। उससे फॉर्म भरवाए और मोबाइल से कनेक्टेड एक डिवाइस पर अंगूठा लगवाने के बाद कहा कि जाइए दो सप्ताह के अंदर आपका आयुष्मान कार्ड बनकर डाक से आपके घर पहुंच जाएगा। उधर, रानीगंज बाजार में दुकान चलाने वाली महिला के पति राजू प्रसाद के मोबाइल पर पांच हजार रुपये बैंक खाता से निकालने का मैसेज आ गया। बाद में पता चला कि उनकी पत्नी ठगी का शिकार हो गई है। बैरिया के गुड़िया टोला में भी चार-पांच महिलाओं से ऐसे ही ठगी करने की शिकायत मिली है। इस संदर्भ में बृहस्पतिवार को बैरिया पुलिस चौकी में लिखित तहरीर दी गई। चौकी प्रभारी ने तहरीर लेकर ठगी करने वालों को उन्हें ही पकड़वाने की सलाह दे डाली। साथ ही साइबर सेल का नंबर देकर उस पर शिकायत दर्ज कराने को कहा।