बैरिया। ग्राम पंचायतों में फर्जी फर्म के नाम पर डोंगल के जरिये पेमेंट करके लाखों का गोलमाल किया जा रहा है। मामले की शिकायत अजीत कुमार सिंह ने आईजीआरएस के माध्यम से असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य खंड-चार से की। इसे संज्ञान में लेकर असिस्टेंट कमिश्नर ने छह जुलाई को खंड विकास अधिकारी से एक सप्ताह में रिपोर्ट तलब की। 25 दिन बीत जाने के बाद भी न तो मामले में जांच की गई और न रिपोर्ट भेजी गई है। ग्राम पंचायतों में ग्राम निधि के खाते से होने वाले विकास कार्यों में रजिस्टर्ड मैटेरियल विक्रेता को डोंगल के माध्यम से ही पेमेंट करने का प्रावधान किया गया है। नए नियम के बाद सैकड़ों की संख्या में फर्जी फर्म बना जीएसटी का रजिस्ट्रेशन करा लिया गया है। उक्त फर्म द्वारा न तो कंट्रक्शन से संबंधित मैटेरियल खरीद किया जाता है और न विक्रय किया जाता है। फिर भी यहां खेल किया जा रहा है। किसी ग्राम पंचायत से किसी फर्म पर पांच लाख रुपये का डोंगल से भुगतान कर दिया जाता है। ये फर्में तीन प्रतिशत के हिसाब से 15 हजार रुपये काटकर शेष पैसे प्रधान और सचिव को वापस कर देती हैं। इस खेल में सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है। जीएसटी के नाम पर एक रुपया भी जमा नहीं किया जाता है। एडीओ पंचायत अवेधश कुमार पांडेय ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य द्वारा रिपोर्ट तलब की गई है। जांच के बाद रिपोर्ट भेजी जाएगी।