सागरपाली। बाढ़ से राहत दिलाने के लिए क्षेत्र के थह्मनपुरा में बाढ़ राहत शेल्टर होम बनना है। इसे 2.35 करोड़ से तैयार किया जाना है। शासन ने कार्यदायी संस्था को एक वर्ष का समय प्रदान किया है।
सागरपाली क्षेत्र के अंतर्गत करीब 10 गांव के बीच लाखों लोगों को इसका लाभ मिलेगा। बाढ़ सहित अन्य आपदा के समय में काफी कार्य करेगा। यहां की आबादी के सामने बाढ़ सहित विभिन्न आपदाओं से निपटने के लिए संकट खड़ा हो जाता है। बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित गांव थह्मनपुरा और गंगहरा होता हैं। यह गांव तमसा और गंगा नदी के दोआब पर स्थित है। थोड़ा भी नदी का जलस्तर बढ़ता है तो नदी का पानी का गांव की तरफ रुख कर लेता है। बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव में बघेजी, इंदरपुर, हसनपुर, इंदरपुर नई बस्ती, भिखारीपुर, अंजोरपुर, कोट-मझरिया, मिल्की, टेढ़वा के मठिया, इच्छा चौबे के पूरा, छप्पन के डेरा शामिल हैं।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता केशरी प्रकाश ने बताया कि वर्तमान समय में निमार्ण कार्य रुका है। क्योंकि जहां बाढ़ केंद्र का शिलान्यास किया गया है, वह स्थान बाढ़ के समय डूब जाता है। इसको देखते हुए उचित और सुरक्षित जगह की तलाश की जा रही है। जैसे ही स्थान मिल जाएगा कार्य चालू हो जाएगा।