बलिया में गंगा का बढ़ाव जारी है और अब तक करीब 20 गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। गोपालपुर गांव में मंगलवार की रात तीन व बुधवार की सुबह एक मकान कटान की भेंट चढ़ गया। गंगा व सरयू के साथ ही टोंस नदी का भी कहर शुरू हो गया है। गांव घिरते जा रहे हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक पर्याप्त नाव आदि की व्यवस्था नहीं कि जा सकी है। इसके चलते ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट चुका है।
उधर, गांवों के पास बाढ़ का पानी भरने के कारण विद्युत विभाग ने सुरक्षा की दृष्टि से बैरिया तहसील क्षेत्र के 35 व सदर तहसील के 10 गांवों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी है। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता चंद्रकेश उपाध्याय ने बताया कि सभी उपकेंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि जहां भी बाढ़ की स्थिति बने उन गांवों के तारों को खोल दें ताकि कोई बड़ा हादसा न हो सके।
नदी के पानी ने इलाके के कई गांवों को टापू में तब्दील कर दिया है। साथ ही अब तक हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो चुकी है। पशुपालकों को अब चारे के संकट की चिंता सताने लगी है। इलाके में भूसा भी नहीं मिल पा रहा है। बाढ़ के पानी में डूबी हुई फसल भी चारा लायक नहीं है। ऐसे में किसान अपने मवेशियों को लेकर चिंतित हैं। साथ ही बाढ़ क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति बंद कर है केरोसिन का वितरण भी नहीं हो रहा है। इसके चलते सांप, बिच्छू का डर भी बाढ़ग्रस्त गांव के लोगों में समाया हुआ है।