नगर के कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मनोरंजन कार्यालय के बाहर लगा बारिश का पानी। संवाद
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लगातार हो रही बारिश से खेतों में पुन: जलजमाव हो गया है। इसके कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। खासकर लाल मिर्च और सब्जी की खेती करने वाले किसान काफी बचैन है। क्षेत्र में लाल मिर्च, हरा मिर्च, गोभी, भिंडी व टमाटर की खेती करने वाले किसानों की माने तो खेतों में जलजमाव कमर ही टूट गई है। सैकड़ों किसानों की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है। इससे लाखों का नुकसान हुआ है।
जलजमाव होने से सैकड़ों एकड़ मिर्च की फसल पानी में पूरी तरह डूब गई है। ये अब नष्ट हो जाएगी। इलाके के दर्जनों गांवों के खेतों में पानी भरने से मिर्च की फसल लगभग बर्बाद हो गई है। क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सैकड़ों एकड़ मिर्च की खेती की जाती है और यही इन किसानों की आय का स्रोत है। चंदवक, बिगही, पुरास, सोनवानी, वरुणा, पुरास, नीरूपुर व पिंडारी में करीब सैकड़ों एकड़ क्षेत्र में लाल मिर्च की खेती की जाती है। केतों के जलमग्न होने से आगे हरी मटर, आलू, गेहूं, चना, मंसूर की खेती समय से नहीं हो पाएगी।
उधर, बेल्थरारोड में वर्षा से जलजमाव होने के चलते स्थिति नारकीय बन गई है। नगर के बीच स्थित जूनियर हाई स्कूल परिसर बरसाती पानी से भर गया है। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नगरवासियों और राहगीरों को आवागमन में घोर फजीहत उठानी पड़ी। गली-मोहल्लों में जलभराव से लोगों का आवागमन दूभर बन गया। रोडवेज बस स्टेशन परिसर और मुख्य दोनों गेट पर जलभराव के साथ कीचड़ की स्थिति बनी रही। नालियों का पानी रास्तों पर बह रहा है। उधर, बरसात से खेतों में फसल डूब कर बर्बाद हो रही हैं। सब्जियों और अरहर की फसल तो पूरी तरह से बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। धान की फसल पानी में डूब कर बर्बाद हो रही है।
रतसर में अनवरत हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह बेपटरी होकर रह गया है। शुक्रवार को पूरे दिन कभी मद्धम तो कभी मूसलाधार बारिश ने लोगों को घरों में कैद रखा। कस्बा के बाजार में पूरे दिन सन्नाटा रहा।