बलिया। धान खरीद की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 28 फरवरी तक धान खरीद होनी है। इस बीच कई क्रय केंद्र बगैर किसी सूचना के बंद कर दिए गए हैं। पहले प्रति किसान 60 क्विंटल धान खरीद की जा रही थी, जिसे घटाकर 40 क्विंटल कर दिया गया है। कई किसानों का भुगतान भी नहीं हो पाया है। आलम यह है कि आज भी किसान क्रय केंद्रों पर ट्रालियों में धान लादकर खरीद होने का इंतजार कर रहे हैं। शेष बचे 15 दिनों में कैसे खरीद होगी इसको लेकर किसानों में रोष भी है। निर्धारित लक्ष्य के 124400 मी. टन के सापेक्ष 1.18 लाख मी. टन धान की खरीद हो चुकी है।
किसानों के धान खरीदने के लिए जिले में एक नवंबर से विभिन्न संस्थाओं के कुल 80 क्रय केंद्र स्थापित किए गए। शुरुआती दौर में ही पांच क्रय केंद्र किन्ही कारणों से बंद हो गए। 75 क्रय केंद्र भी कभी सुचारु रुप से नहीं चले और धीरे-धीरे अब तक 30 क्रय केंद्र बंद हो चुके हैं। इसमें किसान उत्पादक संगठन तथा पंजीकृत समितियों के केंद्र हैं। बताया जाता है कि जो 70 फीसदी किसानों का भुगतान समय से नहीं कर सके उन केंद्रों को शासन की ओर से बंद कर दिया गया। जहां के क्रय केंद्र बंद किए गए वहां के किसानों के लिए कोई विकल्प मुहैया नहीं कराया गया। लिहाजा किसानों को धान बेचने के लिए दूर के केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ता है। आलम यह है कि 331 किसानों के करीब साढ़े चार करोड़ रुपये का भुगतान अभी भी फंसा हुआ है। वर्तमान में महज 45 क्रय केंद्र ही संचालित हो रहे हैं। लेकिन जो संचालित हैं वह भी केवल दिखावा ही बन कर रह गया है।
बैरिया विपणन गोदाम रानीगंज में खरीद एक पखवाड़े से बंद है। विपणन निरीक्षक कृष्ण रतनाम ने बताया कि धान खरीद का लक्ष्य पूरा हो गया है। इस क्षेत्र में हाईब्रिड धान किसान ला रहे हैं जिसे लौटाया जा रहा है। अब लक्ष से अधिक धान खरीद करना संभव नहीं है। अब किसान मायूस होकर खुले बाजारों में औने-पौने दामों पर धान को बेच रहे हैं।
कई दिनों से विपणन केंद्र पर खड़ी हैं धान लदी ट्रालियां
चितबड़ागांव। नगर पंचायत चितबड़ागांव का विपणन केंद्र पर धान से लदी 23 ट्रालियां पिछले कई दिनों से खड़ी हैं। शुक्रवार को मात्र 100 क्विंटल धान की तौल हुई है। शनिवार शाम तक केंद्र बंद मिला। तौल करने वाले मजदूर केंद्र पर तो मौजूद मिले लेकिन कोई भी सहायक या अधिकारी केंद्र पर नहीं मिला। चार किसान अपनी ट्रालियों की रखवाली करते मिले।
क्षेत्र के नगवा गाई निवासी किसान महात्मा यादव ने बताया कि वह आठ दिनों से 50 क्विंटल धान लदी ट्राली के साथ हैं। रोज आज कल तौल करने की बात कही जा रही है लेकिन तौल नहीं हो रहा है। रसूलपुर निवासी किसान केदारनाथ तिवारी की मानें तो 10 दिनों पहले ट्रैक्टर ट्राली पर लाद कर 50 क्विंटल धान लेकर पहुंचे। आज तक तौल नहीं हुई जिसके कारण यहीं रहना पड़ता है। मंजूरपुर निवासी सतेंद्र सिंह ने बताया कि वह 10 दिनों से 50 क्विंटल धान के साथ ट्रैक्टर की रखवाली कर रहे हैं। कहा कि क्रय केंद्र पर मनमानी के कारण आज तक धान खरीद नहीं हो सकी। सहाड़ी निवासी बब्बन सिंह ने भी कहा कि क्रय केंद्र पर इस साल जैसी फजीहत कभी नहीं हुई। रोज नए नियम बनाए गए और इसके कारण किसान परेशान रहे। पांच दिनों से ट्रैक्टर ट्राली पर 50 क्विंटल धान लेकर हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। किसानों का कहना है कि विपणन निरीक्षक के सांत्वना देते हैं कि सब की तौल हो जाएगी लेकिन नहीं हो रहा। ठंड के मौसम में तरह तरह की परेशानी झेलना पड़ रहा है।
एफपीओ व पंजीकृत समितियों के 30 क्रय केंद्रों पर खरीद के सापेक्ष किसानों का भुगतान नहीं करने के कारण इनकी खरीद पर शासन से रोक लगा दी गई है। अब 45 क्रय केंद्र संचालित हैं। क्रय केंद्रों पर अभी धान की खरीद चल रही है, प्रयास होगा कि समय के अंदर किसानों के धान की खरीद हो जाए। किसानों धान खरीद की लिमिट शासन स्तर से ही निर्धारित की गई है।
- अविनाश चंद्र सागरवाल, जिला विपणन अधिकारी, बलिया
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