बलिया। किसान दिवस पर डीएम रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कृषि भवन सभागार में बैठक हुई। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों की शिकायतों को शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और उसका शीघ्र निस्तारण किया जाए। खासकर कृषि, सिंचाई व बिजली विभाग के अधिकारियों को विशेष रूप से ख्याल रखने को कहा।
किसान अखिलेश सिंह सहित अन्य किसानों ने फर्जी बिल आने का मामला उठाया। कहा कि प्रत्येक गांवों की लगभग यही समस्या है। आप रैंडमली गांवों का सर्वे करवा सकते हैं। सौभाग्य योजना के तहत मीटर कनेक्शन भी नहीं हुआ है, कुछ लोग गांव में भी नहीं रहते हैं फिर भी उनके बिजली का बिल आ रहा है। सरकार की ओटीएस योजना का भी लाभ नहीं मिल रहा। डीएम ने उप कृषि निदेशक मनीष कुमार सिंह को विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता को इन तमाम प्रकार की समस्याओं का उल्लेख करते हुए चिट्ठी भेजने का निर्देश दिया।
कुछ किसानों ने कहा कि कृषि से संबंधित भूमि विवाद के मामले राजस्व न्यायालयों में जमीन के अंश निर्धारण सहित अन्य मामले लंबे समय तक लंबित हैं। अधिकारी इसके निस्तारण में तत्परता नहीं दिखा रहे हैं। चकबंदी के मामले में भी वकीलों के लगातार बहिष्कार को भी संज्ञान में लाने का अनुरोध किया। डीएम ने कहा कि राजस्व विवाद संबंधी मामलों को सभी एसडीएम के माध्यम से निस्तारण कराने का प्रयास कर रहे हैं। 10 माह से दूध मूल्य भुगतान लंबित होने के मामले पर जिलाधिकारी ने दुग्ध विभाग के प्रमुख सचिव को चिट्ठी भेजने का निर्देश दिया। किसानों से अनुरोध किया कि 15 मार्च से सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं क्रय किया जाएगा। जनपद में 71 गेहूं क्रय केंद्र खोले जाएंगे। उपज बेचने में किसी तरह की कोई समस्या ना हो, इसके लिए पहले से ही पंजीकरण करना शुरू करवा दिया गया है। लोकसभा चुनाव में जनपद का मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए किसानों से अपील की। सीडीओ ओजस्वी राज आदि थे।