बलिया। मौसम ने एक बार फिर करवट ली और बुधवार भोर में तेज हवाओं के साथ बारिश भी हुई। आंधी-पानी से खासकर दलहनी व सरसों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है, तो वहीं गेहूं, जौ, सरसों आदि की फसलें खेतों में ही गिर पड़ीं, जिससे इनके पैदावार पर असर पड़ेगा।
उधर, आंधी-पानी के चलते कई जगह पेड़ व विद्युत तार टूटकर सड़कों पर गिर गए। जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। हालांकि पूरे दिन हल्की धूप रही लेकिन अभी भी मौसम साफ नहीं है। आंधी-पानी से कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति भी पूरे दिन प्रभावित रही।
एक सप्ताह पहले हुई बारिश को लेकर अभी चिंतित ही थे कि बुधवार की भोर में मौसम अचानक बदल गया और तेज हवाओं के साथ बारिश होने लगी। आंधी-पानी शुरू होते ही नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बिजली गुल हो गई। नगरीय क्षेत्रों में तो कुछ घंटे बाद बहाल हो गई लेकिन 40 से अधिक गांवों की आपूर्ति पूरे दिन ठप रही। भोर में हुई बारिश के कारण नगर के सड़कों की सूरत भी बदहाल हो गई। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने रबी की फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। किसानों के अनुसार दलहीन चना, मसूर, मटर आदि की फसल अब चौपट हो जाएगी। इसी तरह कई इलाकों में सरसों, गेहूं व जौ की फसलें खेतों में गिर गई जो अब बर्बाद हो जाएगी।
बारिश से सभी फसलों को हुआ नुकसान
दया छपरा। तेज हवा के साथ हल्की बारिश ने किसानों की कमर तोड़ डाली। हवा के झोंके से जहां गेहूं की फसल गिरकर जमीन चूमने लगा तो वहीं दलहन तिलहन की फसल का फूल मुरझा गया। यही नहीं पिछली बारिश में ही आलू की फसल में झुलसा रोग लग गया था जिसे बचाने को लेकर किसान जूझ रहे थे कि तब तक किसानों के बचेखुचे आस पर भी बारिश ने पानी फेर दिया। किसानों का कहना है कि अब भगवान भरोसे ही खेती रह गई है। आलू की फसल पकने में अभी 15 से 20 दिनों का समय है। इस वारिश से सब्जी की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
पेड़ गिरने से एनएच पर दो घंटे तक आवागमन रहा ठप
नरहीं। चक्रवाती परिसंचरण ने बुधवार की सुबह में आंधी पानी के रूप में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। हालांकि दिन में मौसम साफ हो गया। तेज हवा से बैरिया चट्टी पर एक पेड़ एनएच 31 पर गिर गया जिससे आवागमन बंद हो गया। वाहनों की लम्बी कतार लग गई। छोटे वाहनों को बैरिया थम्हनपुरा मार्ग से बलिया भेजा गया। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने खुद पेड़ की कटाई कर दो घंटे बाद आवागमन को बहाल किया। बैरिया चट्टी पर ही पेड़ों की डालियों में फंसकर हाईटेंशन तार सड़क पर आ गया। इससे बिजली आपूर्ति बहाल होने में दस घंटे लग गए। बेमौसम हवा बारिश से खेतों में खड़ी जौ, गेहूं, मसूर, सरसों की फसलें गिर पडं। बारिश ने मसूर की फसल को सर्वाधिक नुकसान पहुंचाया है। मौसम विभाग पटना ने वृहस्पतिवार को भी दिन खराब रहने की संभावना जताई है।
विद्युत पोल गिरने से बिजली आपूर्ति ठप, पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित
बांसडीह रोड। विद्युत उप केंद्र टकसरन अंतर्गत बांसडीह रोड रेलवे स्टेशन के समीप आंधी पानी से एक पेड़ विद्युत पोल पर गिर गया। जिससे हाई वोल्टेज का तार सहित एक विद्युत खंभा टूट कर गिर गया। इसके चलते मुख्य बाजार की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। वहीं पेड़ गिरने से बांसडीह रोड सहतवार मार्ग पर एक घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। आसपास व वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा मार्ग से गिरे पेड़ को हटाने के बाद आवागमन बहाल हुआ।