बेल्थरारोड। पिछले 72 घंटे से लालनिशान से एक मीटर ऊपर बहने वाली सरयू नदी का जलस्तर शुक्रवार को सुबह स्थिर हो गया, जो देर शाम तक जारी रहा। जलस्तर में भले ही स्थिरता आई हो, फिर भी नदी के रौद्र रूप को देख तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के लोग सहमे हैं। सुरेमनपुर दीयरांचल के गोपालनगर टाड़ी गांव के सामने सरयू नदी कटान तेज होने के कारण प्रति दिन लगभग 20 से 25 एकड़ उपजाऊ खेत अपने आगोश में ले रही है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार को जलस्तर 65.08 मीटर पर स्थिर रहा। जो खतरे का निशान 64.01 मीटर से 1.07 मीटर अधिक है। नदी का पानी कई किलोमीटर विस्तृत भू-भाग में फैल गया है। इससे जनजीवन अस्त- व्यस्त हो गया है। पशुओं को लेकर पशुपालक परेशान हैं। कई ग्रामों का संपर्क मार्ग टूट गया है। सैकड़ों एकड़ खेत में जलभराव की स्थिति है। नदी और टीएस बंधे के बीच बसे ग्रामों की हालत अत्यंत खराब है। टगुनिया राजभर बस्ती, तुर्तीपार के माली और मल्लाह बस्ती में पानी घुस गया है। कीचड़ और जलजमाव से लोग परेशान हैं। चन्दायर बलीपुर में लोग गांव से बाहर जाने के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं। घटाव नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में स्थिति भयावह हो जाएगी। सुरेमनपुर दीयरांचल के गोपालनगर टाड़ी गांव के सामने सरयू नदी में कटान तेज है। प्रतिदिन लगभग 20 से 25 एकड़ उपजाऊ खेत सरयू नदी अपने आगोश में ले रही है। डीह बाबा के मंदिर तक सरयू नदी की लहरें पहुंचने लगी है। अगर यही स्थिति रही तो अगले एक सप्ताह में भगवान यादव सहित कई लोगों का आशियाना सरयू नदी के जद में आ जाएगा। अभी तक लालू सिंह, मुखराम यादव, श्रवण यादव, कामेश्वर यादव, शिवनारायण यादव, लखन यादव सहित दर्जनभर लोगों का उपजाऊ भूमि सरयू नदी में समा चुकी है।