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तीन सप्ताह बाद भी 21 केंद्रों पर 415 मी. टन धान की खरीद

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बलिया। जिले में 20 दिन बाद भी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद गति नहीं पकड़ सकी है। अभी भी कई केंद्रों पर खरीद शुरू नहीं हो सकी है। 21 क्रय केंद्रों पर अब तक कुल 415 मी.टन की खरीद हो सकी है। 59 केंद्रों पर अब भी धान खरीद का खाता नहीं खुला है। धान की कटाई अब अंतिम दौर में हैं। धान बेचने के लिए किसान तो पहुंच रहे हैं, लेकिन केंद्रों पर मिलरों की हड़ताल का बहाना बनाकर अभी किसानों का धान नहीं लिया जा रहा है। जिले में कुल 15413 किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीकरण किया है।
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सरकार ने किसानों को उपज का माकूल मूल्य उपलब्ध कराने के लिए धान क्रय केंद्र स्थापित कराया है। जिले में अब तक कुल 80 क्रय केंद्र संचालित हो चुके हैं। धान बेचने के लिए किसानों की ओर से पंजीकरण कराने के बाद सत्यापन कराया जा रहा है। केंद्रों पर किसान धान तो देना चाहते हैं, लेकिन केंद्र प्रभारियों की ओर से अभी आनाकानी की जा रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दस दिनों पहले 11 नवंबर को जिले के क्रय केंद्र पर धान खरीद का खाता खुला। केंद्रों पर धान बेचने के लिए 15413 किसान पंजीकरण करा चुके हैं। कहने को किसानों की सुविधा के लिए इस बार ऑनलाइन टोकन व्यवस्था हटा दी गई है। ताकि पंजीकरण के बाद दस्तावेज सत्यापन होने पर किसान सीधे क्रय केंद्र पहुंच कर मैनुअल नंबर लगा कर उपज बेच सकें। इसके बाद भी अभी तक 59 क्रय केंद्रों पर तो बोहनी भी नहीं हो सकी है। धान की कटाई अब अंतिम दौर में हैं। अधिकतर किसान इसे सुखा भी चुके हैं। किसान अपना धान केंद्रों को देना भी चाहते हैं, लेकिन केंद्र प्रभारियों की ओर से अभी खरीद नहीं या न के बराबर की जा रही है। इसके पीछे कारण बताया जा रहा है कि मिलर अभी हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि धान केंद्र पर एकत्र कर लेंगे तो रखने में असुविधा हो जाएगा। कहा जा रहा है कि मिलर की हड़तालव खत्म होने के बाद ही धान की खरीद गति पकड़ेगी। उधर, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कई इलाकों में अभी भी धान की कटाई चल रही है। इस लिए आवक कम है। वहीं, किसानों की मानें तो धान क्रय केंद्र पर बिक्री करने में कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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