फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

10 फीसदी बढ़ी बिजली की मांग, कटौती कर रही परेशान

विज्ञापन
विज्ञापन
बलिया। उमस भरी गर्मी में बिजली की खपत और डिमांड भी बढ़ती जा रही है। इसके चलते शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक अंधाधुंध कटौती हो रही है। विभागीय सूत्रों की माने तो मांग में करीब 10 फीसदी का इजाफा हुआ है। हालांकि अब दो दिनों से बारिश होने के कारण डिमांड सामान्य हो चुकी है। आपूर्ति को रोस्टर से ज्यादा दावा किया जा रहा है लेकिन बदस्तूर कटौती लोगों को रुला रही है।
विज्ञापन

शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की बिजली जनता को खूब रुला रही है। भीषण उमस में डिमांड बढ़ने के साथ ही कहीं ट्रांसफार्मर जलने से तो कहीं लो वोल्टेज की समस्या से लोग जूझ रहे हैं। तीन दिनों पहले तक उमस भरी गर्मी के बीच शहर की खपत 41.372 मेगावाट पहुंच गई। ये सामान्य से 10 फीसदी अधिक है। ऐसे ही जनपद में गर्मी के दिनों में प्रतिदिन सामान्य मांग 19500 मेगावाट की है। जो उमस के कारण बढ़कर 23 हजार मेगावाट से ज्यादा हो जा रही है। विभाग का दावा है कि शहर में 24 घंटे के सापेक्ष 23 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे के सापेक्ष 17 घंटे विद्युत आपूर्ति हो रही है। हालांकि, धरातल पर अब भी शहर में 15-17 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 10-11 घंटे की आपूर्ति मिल रही है। यह भी आपूर्ति भी लगातार नहीं मिल रही। बार-बार ट्रिपिंग होती है। तीन दिनों पहले तक ग्रामीण क्षेत्रों में भी उमस भरी गर्मी के बीच बिजली की डिमांड बढ़ी ओर अंधाधुंध कटौती भी हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बिजली की आपूर्ति पहुंचाई गई है।
ओवरलोड के कारण होती ट्रिपिंग
बलिया। बिजली की खपत बढ़ने के कारण उपकेंद्रों पर लोड भी बढ़ जाता है। इसके चलते ट्रिपिंग भी होती है। अधिकारियों की मानें तो संयंत्रों को बचाने के लिए सभी तरह के इंतजाम किए गए हैं। सभी उपकेंद्रों पर ऑटो कट सिस्टम लगे हुए हैं, जो लोड बढ़ते ही आपूर्ति रोककर संयंत्रों को सुरक्षित करते हैं। हालांकि ओवरलोड होने पर मशीनें जरूर गरम होती हैं, लेकिन इन्हें सुरक्षित कर लिया जाता है। इसके साथ ही लोड बढ़ने से फाल्ट भी होते हैं। जिले में विद्युत आपूर्ति के लिए कुल चार पांच पावर हाउस और 67 विद्युत उपकेंद्र स्थापित हैं। इसके अलावा, इब्राहिमपट्टी में पावर ग्रिड स्थापित है। वर्तमान में सभी विद्युत उपकेंद्र संचालित हैं।
विज्ञापन

बिजली सामान्य डिमांड- 21350 मेगावाट
बिजली की बढ़ी हुई डिमांड-23737 मेगावाट
कोट
उमस भरी गर्मी के कारण विद्युत आपूर्ति की मांग बढ़ जाती है। सामान्य से करीब 10 फीसदी अधिक विद्युत की आपूर्ति हो रही है। - चंद्रेश उपाध्याय, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड, द्वितीय, बलिया
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें