आदित्य के होश में आते ही उसने बताया कि मेरे साथ विक्की भैया भी थे, वह भी डूब रहे थे, वह कहां हैं। ग्रामीण भागकर तालाब के पास पहुंचे। विक्की को ढूंढ निकाला और उसे लेकर सोनबरसा अस्पताल ले गए जहां ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अविनाश कुमार से इलाज के लिए कहा। परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज में विलंब होने से विक्की की मौत हो गई।
इसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की। घटना की सूचना पर एसएचओ राजीव कुमार मिश्र पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे। यहां आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया गया। परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। जबकि डॉक्टर अविनाश का कहना है कि अस्पताल के सीसी कैमरे में देखा जा सकता है। बिना समय गंवाए बच्चे का चेकअप किया गया। अस्पताल आने से पहले ही बालक की मौत हो चुकी थी।
मनियर थाना क्षेत्र के एक गांव की बालिका मनियर थाने के पास कोचिंग सेंटर में मंगलवार सुबह पढ़ने गई थी। कोचिंग से निकलकर लापता हो गई। इसकी जानकारी होने पर परिजनों ने मनियर थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी। जिसके बाद पुलिस छानबीन में जुट गई। बालिका दसवीं की छात्रा है।
बालिका के सहेलियों ने बताया कि मनियर थाने के पास शिव मंदिर तक उसे देखा गया, उसके बाद से उसका अता पता नहीं चल पाया। बालिका अपने माता-पिता की दो संतानों में इकलौती बेटी है एवं एक उसका छोटा भाई है। इस घटना के बाद बालिका के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। बालिका के पिता ने तहरीर में उल्लेख किया है कि किसी ने बहला-फुसलाकर बालिका को लेकर चला गया है। इस बाबत प्रभारी निरीक्षक राजीव सिंह ने बताया कि गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।