डीआईजी अखिलेश कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे। इस बीच पुलिस ने शक के आधार पर गांव के ही चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने वारदात करना कुबूल कर लिया। उन्होंने दूसरे भाई संदीप सिंह (45) का शव भी कुएं में होने की बात बताई। जिससे फायर ब्रिगेड के वाहन को बुलाकर कुएं का पानी निकाला गया। शाम लगभग साढे़ पांच बजे कुएं में लाल रंग का कपड़ा दिखाई दिया। उसे निकाला गया तो संदीप का शव बाहर निकला।
पुलिस अधीक्षक राजकरन नय्यर ने बताया कि मुख्य आरोपी प्रवीण सिंह उर्फ भोलू ने बताया कि उसका संदीप सिंह से रकम के लेनदेन का लेकर विवाद चल रहा था। जिससे वह साजिश के तहत तीन साथियों के साथ संदीप को घर से लेकर जा रहा था। तभी उसके पिता व भाई ने देख लिया, जिससे पोल खुलने के डर से उन दोनों की भी हत्या कर दी गई। पुलिस ने आला कत्ल भी बरामद कर लिया है।
मृतक आनंद विक्रम सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। सबसे बड़ा भाई दिलीप सिंह वर्षों पहले बाहर चला गया था। शादी कर वहीं बस गया था। घर पर आनंद विक्रम, उससे बड़ा भाई संदीप सिंह और पिता उमाशंकर सिंह रहते थे। गांव के लोगों का कहना था कि उमाशंकर सिंह घर बनवा रहे थे। चार-पांच दिन पहले दिलीप सिंह घर आया था। उन लोगों के बीच में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद दिलीप सिंह चला गया था।