बलिया। मांगों को लेकर हड़ताल पर चल रहे 108, 102 और एएलएस एंबुलेंसकर्मी छठे दिन भी काम पर नहीं लौटे। प्रशासन ने 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों के स्थान पर 70 प्राइवेट लोगों को एंबुलेंस चलाने के लिए प्रतिदिन 450 रुपए मजदूरी पर तैनात किया है। विभाग का दावा है कि एंबुलेंस सेवा सुचारू रूप से बहाल हो चुकी है। वहीं, मरीजों को एंबुलेंस को लेकर अब भी परेशानी उठानी पड़ रही है। उधर, 108, 102 और एएलएस एंबुलेंस कर्मचारी छठे दिन भी काम पर वापस नहीं लौटे।
एंबुलेंस के प्रोग्राम मैनेजर अविनाश चंद्र मिश्रा ने बताया कि एंबुलेंसों को चलाने के लिए प्रशासन द्वारा प्रतिदिन 450 रुपये की मजदूरी पर करीब 70 चालकों को रखा गया है। कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष रामपाल चौधरी ने कहा कि एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस के 1200 कर्मचारी की नौकरी के ऊपर तलवार लटक रही है। प्रभारी सीएमओ डा. हरिनंदन प्रसाद ने बताया कि स्वास्थ्य व्यवस्था न चरमराए इसके लिए स्थानीय स्तर पर प्राइवेट लोगों को एंबुलेंसों को चलाने के लिए तैनात किया गया है।
मरीज अब भी परेशान, नहीं हो रहा समाधान
बलिया। जिला अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में अपने पति को उपचार के लिए लेकर पहुंचीं कोटवा नारायणपुर निवासिनी आशा देवी ने बताया कि सुबह ही एंबुलेंस के लिए फोन की थी तो एंबुलेंस समय से आ गई। महिला अस्पताल में पुत्री के प्रसव के लिए आईं चितबड़ागांव निवासिनी सुशीला देवी ने बताया कि कई बार एंबुलेंस के लिए फोन की बात ही नहीं हो पाई। निजी वाहन से अपने पुत्री को प्रसव के लिए महिला अस्पताल लेकर आई हूं। जयकुमार प्रजापति निवासी देवकली ने बताया कि पुत्री को प्रसव के लिए लाने को एंबुलेंस को कई बार फोन किया फोन कवरेज एरिया से बाहर बता रहा था। निजी वाहन से आए हैं। वहीं, टकरसन निवासी विक्की वर्मा ने बताया कि अपनी पत्नी के प्रसव के लिए कई बार एंबलेंस को फोन किया। कोई जवाब नहीं मिला।