रसडा स्थित कताई मिल परिसर निर्माणाधीन 400 केवीए का जीआईएस सिस्टम वाला विद्युत सब स्टेशन का।
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रसड़ा। कताई मिल परिसर में 400 केवीए का पारेषण उपकेंद्र बनकर तैयार हो गया है। इससे प्रयोग के तौर पर आपूर्ति भी की जा रही है। एक हफ्ते में सिे चितबड़ागांव उपकेंद्र से जोड़ दिया जाएगा।
भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड द्वारा नव निर्मित 400 केवीए का जीआईएस सिस्टम वाला विद्युत सब स्टेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। 10.50 हेक्टेयर में 425 करोड़ की लागत से बनने वाले परियोजना को अगस्त 2019 तक तैयार कर देना था, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते समय पर पूर्ण नहीं हो सका। पूर्ण रूप से तैयार होने में तीन से चार महीने लग सकते हैं। इससे 220 एवं 132 केवीए के पारेषण विद्युत उपकेंद्रों को आपूर्ति की जाएगी। इसके पूरा होने के बाद यहां जनपद के अलावा मऊ एवं गाजीपुर के जिले लाभान्वित होंगे। रसड़ा रेलवे को भी विद्युत देने के लिये कार्य प्रगति पर है। विद्युत विभाग के एसडीओ शशि गौरव ने बताया कि परियोजना का 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। बताया कि 30 अप्रैल से कुछ स्टेशनों पर विद्युत सप्लाई शुरू कर दिया गया है। कार्य पूर्ण करने के लिए समय अनुकूल रहा तो तीन से चार माह में परियोजना पूरी क्षमता से विद्युत आपूर्ति करने लगेगा। बताया कि एक सप्ताह में चितबड़ागांव 132 केवीए विद्युत स्टेशन पर विद्युत सप्लाई चालू कर दिया जाएगा। जेई अखिलेश कुमार ने बताया कि अभी रसड़ा, गढ़िया, तलवल पावर हाउस के अलावा गाजीपुर में 220 केवीए एवं कासिमाबाद में 132 केवीए की विद्युत आपूर्ति दी जा रही है। भदौरा 220 केवीए एवं बड़ागांव रानी मऊ 132 केवीए आपूर्ति के लिए भी काम पूर्ण हो गया है। जल्द ही इन्हें भी विद्युत आपूर्ति की जाएगी। बताया कि परियोजना के पूरा होने व पूरी क्षमता से चलने के बाद जिले के अलावा मऊ व गाजीपुर जिले में विद्युत आपूर्ति की समस्या पर काफी हद तक अंकुश लगेगा।