शादी अनुदान योजना में खूब भ्रष्टाचार का खेल होता है। इसको अंजाम देने के लिए रैकेट वर्षों से सक्रिय है जो ब्लॉक से लेकर विभाग के बाबू तक सेटिंग रखता है। पूर्व में कई बार जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया लेकिन अंजाम तक नहीं पहुंचा क्योंकि इसमें विभाग के अलावा उच्चाधिकारियों के भी गर्दन फंसने लगते हैं। सूची को कभी भी सार्वजनिक नहीं किया जाता। इसी तर्ज पर रैकेट सामूहिक विवाह योजना में वर्षों से सेंध लगा रहा है।
ऑडिट ने भी पकड़ी थी गड़बड़ी
वर्ष 2019-20 से 2021-22 के बीच हुई ऑडिट में सामूहिक विवाह में धांधली की बात सामने आई। सामूहिक विवाह योजना में भारी संख्या में आधार कार्ड के सत्यापित न होने के कारण समपरीक्षा दल ने रेवती ब्लॉक के उदहां में जाकर लाभार्थियों का सत्यापन किया और उनके बयान दर्ज किए। उदहां व अन्य गांव में किसी की वर्षों पहले की शादी निकली तो किसी के कई बच्चे मिले, लेकिन यह रिपोर्ट कहां गई कोई नहीं बता रहा।
क्या कहते हैं अधिकारी
शादी के लिए जोड़ों के सत्यापन का कार्य ब्लाक स्तरों पर किया गया है। पूरे मामले की जांच कमेटी गठित की गई है। 23 टीमें ब्लाकवार मामले की जांच कर रही हैं। गड़बड़ी या संलिप्तता पाए जाने पर लाभार्थियों के साथ सत्यापन करने वालों पर कार्रवाई होगी।
-ओजस्वी राज, सीडीओ