बलिया। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के अधिगम स्तर को ट्रैक करने और उसमें सुधार लाने के उद्देश्य से निपुण भारत मिशन के तहत निपुण एप को अपग्रेड किया गया है।
राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा अभियान के जारी दिशा निर्देशों के अनुसार अब हर शिक्षक को हर सप्ताह अपनी कक्षा के कम से कम पांच छात्रों का मूल्यांकन एप के माध्यम से करना अनिवार्य होगा।
इस प्रणाली के लागू होने से शिक्षकों, अभिभावकों और शैक्षिक अधिकारियों को बच्चों की प्रगति की रियल टाइम जानकारी उपलब्ध होगी। इससे पढ़ाई की गुणवत्ता का विश्लेषण और सुधार संभव हो सकेगा। कक्षा एक से आठ तक के छात्रों के लिए विषयवार प्रश्न बैंक तैयार किया गया है, जिसमें बच्चों की समझ और सीखने की क्षमता जांचने के लिए रैंडम आधार पर प्रश्न पूछे जाएंगे।
शिक्षक एप पर 25 सप्ताह की पूर्व निर्धारित शिक्षण योजना के अनुसार मूल्यांकन करेंगे। ब्लॉक स्तर से राज्य स्तर तक के एआरपी, डायट मेंटर्स और स्टेट रिसोर्स ग्रुप के सदस्यों को 10 से 30 विद्यालयों में सहयोगात्मक पर्यवेक्षण करना होगा।
बीएसए मनीष कुमार सिंह ने कहा कि एप में शिक्षक, पर्यवेक्षक और मास्टर ट्रेनर की लॉगिन प्रणाली लागू है। निपुण एप से एकत्र आंकड़े अब खंड शिक्षा अधिकारियों की बैठकों में समीक्षा का आधार बनेंगे।
इससे पठन-पाठन की स्थिति का आकलन और नीति-निर्धारण आसान हो सकेगा।