मझौवां/दयाछपरा। गंगा का जलस्तर घट रहा है लेकिन कटान तेज हो रही है। शनिवार को चक्की नौरंगा बाजार का अस्तित्व मिट गया, 15 मकान दो घंटे में गंगा में समा गए। चक्की नौरंगा बाजार में संतोष ठाकुर का 21 कमरों का दो तल्ला भवन देखते ही देखते गंगा में समा गया।
इस मार्केट में भोला, देवेंद्र, राधेश्याम, कमलबास, मिथिलेश, ऋषिकेश, विकास, ऋषुरंजन, मोनू की दुकानें थीं। गंगा की लहरों ने हीरामन राम, छोटक राम, गोगा राम, शिवनारायण राम, रामजीत राम, श्याम बिहारी राम, शिवानंद राम, राजदेव राम, संतोष राम, एकराम, सोनू राम, शिवशंकर ठाकुर, राजकुमार ठाकुर, हिमांशु ठाकुर, वेदप्रकाश चौबे का मकान गंगा में समा गया।
एसडीएम बैरिया आलोक प्रताप सिंह ने बताया कि चक्की नौरंगा में कल से ही स्थिति भयावह है। इसको देखते हुए मकानों को खाली कराकर सुरक्षित स्थानों पर लोगों भेज दिया गया है।
चक्की नौरंगा गांव में अब तक 131 मकान गंगा में विलीन हो चुके हैं। कटान पीड़ित बक्सर-कोईलवर तटबंध और रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हए हैं। सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गायघाट गेज पर शनिवार की शाम 4 बजे गंगा नदी का जलस्तर 59.340 मीटर दर्ज किया गया।
जलस्तर में आधा सेमी प्रति घंटे की दर से घटाव हो रहा है। गंगा का पानी खतरे के निशान 57.615 मीटर से 1.725 मीटर ऊपर है।