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जिले में ब्लैक फंगस ने दी दस्तक, लिपिक की मौत

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जिले के अभी कोरोना की कहर से उबर भी नहीं पाए थे कि अब ब्लैक फंगस ने दस्तक दे दी है। इसकी चपेट में आने से नगर के मिड्ढी मोहल्ला के जटेश्वरपुरी कालोनी निवासी 54 वर्षीय अधेड़ की मंगलवार की सुबह मौत हो गई। उनका इलाज वाराणसी स्थित बीएचयू में कोविड रोगियों के लिए बने अस्पताल में चल रहा था। वह
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जिले के मनियर कस्बा के कम्युनिस्ट मोहल्ला निवासी व्यक्ति करीब 20 वर्षों से शहर के जटेश्वरपुरी कॉलोनी में मकान बनाकर परिवार समेत रहते थे। बीते अप्रैल माह की 27 तारीख को उनके छोटे लड़के का तिलकोत्सव था, लेकिन इसके पूर्व ही उनकी तबियत खराब हो गई और वह कोरोना संक्रमित हो गए। इसके बाद बेटे की शादी कैंसिल कर वह होम आइसोलेशन में चले गए। हालांकि उपचार के बाद वह ठीक हो गए। बीते 11-12 मई की रात में उनकी बाई आंख में दर्द हुआ। अगले दिन वह आंख के अस्पताल में इलाज कराने गए, जहां चिकित्सक ने दवा दी, लेकिन राहत नहीं मिली और 13 मई की रात में उनकी बाई आंख की रोशनी जाती रही। अगले दिन परिजन उन्हें पुन: अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने ब्लैक फंगस की आशंका जताते हुए वाराणसी रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर बीएचयू के कोविड सेंटर पहुंचे, जहां ब्लैक फंगस से संक्रमित होने की पुष्टि हो गई। बीते शुक्रवार को उनकी संक्रमित आंख का ऑपरेशन होना था, लेकिन अचानक सुगर लेवल बढ़ने के कारण डॉक्टरों ने उसे टाल दिया। शनिवार को उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां उपचार के दौरान मंगलवार को उनका निधन हो गया। वाराणसी में ही मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मुखाग्नि उनके बड़े बेटे ने दी। वह मुरली मनोहर टाउन डिग्री कॉलेज में कार्यरत थे।
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