भीमपुरा (बलिया) । भीमपुरा थाने के रसोई घर में फालोवर की संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटकने के मामले में बुधवार को मृतक की पत्नी सुनीता ने कहा उसके पति की हत्या की गई है। अनिल तो रस्सी की गांठ बांधना भी नहीं जानते थे। सवाल उठाया कि मुझे पति का शरीर ठीक से देखने तक नहीं दिया गया। कहा, वह गुरुवार को पुलिस अधीक्षक से मिलकर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराएंगी।
गाजीपुर जनपद के जमानिया थाना क्षेत्र के देवरिया गांव निवासी अनिल मौर्य पुलिस विभाग में रसोइया की नौकरी करते थे। पिछले महीने छह अगस्त को सिकंदरपुुुर से स्थानांतरित होकर भीमपुरा थाने पर आए थे। मंगलवार की सुबह फालोवर अनिल का शव रसोई घर के जंगले से रस्सी के सहारे लटकता मिला था। पुलिस के अनुसार अनिल मौर्य मनोरोगी था। जबकि उसकी पत्नी सुनीता ने पुलिस के सारे बयानों को खारिज करते हुए कहा कि मेरे पति को कोई बीमारी नहीं थी। उनके द्वारा आत्महत्या का सवाल ही खड़ा नहीं होता। कहा कि उनकी हत्या की गई है, जिसे विभाग छिपा रहा है। वह तो गांठ बांधना भी नहीं जानते थे। ऐसे में वह फांसी के लिए गांठ कैसे बांध लेंगे। मुझे पहले भीमपुरा बुलाया गया। इसके बाद में कहा गया कि आप लोग बलिया पहुंचिए। वहां पहुंचने के घंटों बाद पति का शव लेकर बलिया पहुंचे, लेकिन मेरे पति के पूरे शरीर को देखने तक नहीं दिया गया। कहा कि गुरुवार को पुलिस अधीक्षक बलिया से मिलकर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तहरीर दूंगी। न्याय नहीं मिलने पर कोर्ट की शरण लूंगी। इस बाबत अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि भीमपुरा थाने में मंगलवार की सुबह फालोवर की हुई मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग आया है। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मेरे बिना पहुंचे पोस्टमार्टम के लिए क्यों भेजा शव
भीमपुुरा। मृतक की पत्नी ने कहा कि अगर मेरे पति ने आत्महत्या की तो पुलिस ने मुझे भीमपुरा थाने की जगह जिला अस्पताल क्यों बुलाया। वहीं बिना परिजनों के पहुंचे पुलिस ने पंचनामा कर क्यों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। क्या मेरे भीमपुरा थाने पहुुुंचने पर कोई दिक्कत हो रही थी। यह तमाम यक्ष प्रश्न लोगों के जेहन में कौंध रहे हैं।