बलिया। कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव के तहत जिले में शिक्षा के अधिकार से वंचित 11 से 14 साल की 739 बालिकाएं को चिह्नित किया गया। यह जिले के लिए तय लक्ष्य की तुलना में 127 प्रतिशत है। इनमें से 714 बालिकाओं का सत्यापन हो चुका है। इस मामले में जिले को प्रदेश में पहला स्थान हासिल हुआ है। दूसरे नंबर सुल्तानपुर व तीसरे नंबर पर हरदोई है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवनारायन सिंह ने बताया कि योजना के आरंभ में विभाग ने 561 बालिकाओं की सूचना प्रबंध पोर्टल पर अपलोड की थी, जिसे आधार मान कर शासन ने आउट आफ स्कूल बालिकाओं की मैपिंग और उनका सत्यापन करने का आदेश दिया था। इसके बाद मैपिंग शुरू हुई तो यह संख्या बढ़ गई। कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव के तहत 11 से 14 साल की 739 किशोरियों को प्रवेश दिलाया गया है। जो लक्ष्य के सापेक्ष 127 फीसद है। इसके बूते बलिया जिला इस योजना में पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर है।
जिले में प्राइमरी और जूनियर स्कूलों की संख्या 2249 से अधिक है। इन विद्यालयों में तीन लाख 10 हजार से अधिक छात्र पंजीकृत हैं। स्कूल चलो अभियान के तहत शिक्षकों को छात्रों के नामांकन का लक्ष्य आवंटित किया गया है। इसमें 60 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य हासिल करने का दावा किया जाता है। जिले में बहुत सी बालिकाएं घर के कामकाज और गरीबी के कारण स्कूलों तक नहीं जा पाती हैं।
शासन ने ऐसी 11 से 14 साल की बालिकाओं को शिक्षित करने का निर्णय लिया है। इसमें बहुत सी छात्राएं ऐसी भी हैं, जिन्होंने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी है। ऐसी छात्राओं को दाखिला दिलाने के लिए कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव शुरू किया गया है।