बांसडीहरोड। क्षेत्र के तिवारी बरहटा गांव में बृहस्पतिवार की रात आर्मी जवान पप्पू साह का शव आते ही कोहराम मच गया। इस दौरान पप्पू अमर रहे के नारों से वातावरण गमगीन हो उठा। शुक्रवार को श्रीरामपुर गंगा घाट पर मृत जवान के पिता रामाशंकर द्वारा मुखाग्नि दी गई। बताया गया कि दानापुर से पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार की रात तिरंगे में लिपटा हुआ पैतृक गांव तिवारी बरहटा गांव पहुंच गया। इस दौरान दानापुर सैन्य छावनी से आए सेना के सूबेदार बासु राव एवं राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने जवान के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। आर्मी जवान के अंतिम दर्शन को लेकर भीड़ सुबह से ही इंतजार कर रही थी।
जवान के पार्थिव शरीर के गांव आते ही ‘शहीद पप्पू अमर रहे, वंदे मातरम, भारत माता की जय..’ जैसे नारे गूंजने लगे। इस दौरान युवाओं द्वारा तिरंगा भी लहराया गया। शव पहुंचते ही मृतक के पिता, भाई समेत महिलाओं की चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। मृत जवान के पिता के साथ ही राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल, पूर्व चेयरमैन लक्ष्मण गुप्त, छात्रनेता मानवेंद्र विक्रम सिंह, भैया अमित सिंह, अनुभव सिंह, रामबाबू गुप्ता सहित हजारों लोगों ने फूल चढ़ाकर अंतिम विदाई दी। वहीं, जवान के परिवार वालों को सूबेदार और साथियों द्वारा 70 हजार आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इस दौरान राज्यमंत्री ने कहा कि मृतक जवान के परिवार को आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री से वार्ता की जाएगी। कहा कि मृतक के परिवार के दु:ख की घड़ी में हम साथ है। मृतक दो भाई हरेराम साह बड़ा और मृतक पप्पू सबसे छोटा था। एक बहन की शादी हो चुकी है। मृतक पांच अक्टूबर को घर आने वाला था। सूबेदार ने कहा कि 16 सितंबर को दानापुर में 16 किलोमीटर का दौड़ था। जिसमें रूट मार्च के दौरान पप्पू गस्त खाकर गिर गया। अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता मजदूरी करके परिवार का खर्चा चलता है। जवान के ताबूत में रखे पार्थिव शरीर को दानापुर और वाराणसी से आए सशस्त्र जवानों ने सलामी दी। मौके पर मौजूद पुलिस के जवानों ने मृत जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पांच अक्टूबर आने की जगह पहुंचा जवान का शव
बांसडीह रोड। परिजनों की माने तो दिवंगत आर्मी जवान पप्पू साह 14 मार्च को घर से ट्रेंनिग के लिए दानापुर गया था। पांच दिन पहले मां से फोन से बात हुई थी कि वह पांच अक्तूबर को ट्रेंनिग पूरा कर गांव छुट्टी लेकर आएगा लेकिन दु:खद की गुरुवार को उसका शव पहुंचा। वहीं माता जानकी देवी एव बड़ा भाई हरेराम साह और बड़ी बहन इंदु देवी का रोते रोते बुरा हाल था। बताया कि पिता मजदूरी (राजमिस्त्री )करके घर का खर्चा चलाते है। कहा कि मृतक के भर्ती और पढ़ाई में पांच लाख रुपये कर्ज हो गया था। बताया कि वह कैसे कर्ज दिलाएगा।
पप्पू साह के नाम से स्मृति बनाने की उठी आवाज
बलिया। तिवारी बरहटा सहित क्षेत्र के ग्रामीणों ने मृतक पप्पू के नाम से गांव में स्मृति द्वार बनवाने की मांग की। वहीं, मुख्य मार्ग से सड़क को उनके नाम से बनाने की जनप्रतिनिधियों के समक्ष बात रखी। वहीं, परिजनों ने परिवार के एक सदस्य की नौकरी की बात जनप्रतिनिधियों के सामने रखी।
बांसडीहरोड क्षेत्र के तिवारी बरहटा निवासी अमित कुमार गुप्ता पप्पू।- फोटो : BALLIA