बलिया। शिक्षा क्षेत्र चिलकहर के एआरपी विजय कुमार पर बीएसए के नाम पर आधार कंप्यूटर ऑपरेटरों से वसूली का आरोप लगा है। शिकायत पर अपर राज्य परियोजना निदेशक ने जांच कर कार्रवाई का आदेश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को दिया है। वहीं, एआरपी का कहना है कि आरोप बेबुनियाद हैं, उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से आरोप लगाया गया है।
नौ जनवरी को जारी पत्र में समग्र शिक्षा की राज्य परियोजना निदेशक एकता सिंह ने एआरपी के खिलाफ महानिदेशक, स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा को जिले के समस्त आधार ऑपरेटरों की ओर से प्रेषित पत्र का उल्लेख किया है। इसमें आरोप है कि एआरपी चिलकहर आधार आपरेटरों से पिछले तीन वर्षों से बीएसए के नाम पर हर महीने पांच से 15 हजार रुपये मांगने और नहीं देने पर निलंबित कराने की धमकी दे रहे थे। कंप्यूटर ऑपरेटरों ने पत्र के माध्यम से महानिदेशक से की थी।
यह भी शिकायत की गई थी कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की समस्त आधार मशीन पांच महीने से बंद हैं और उनको क्रियाशील कराने के लिए सभी ऑपरेटर से पांच हजार रुपये लेकर एआरपी ने बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज को पत्र दिया था। उसके बाद चालू कराने के लिए पचास हजार रुपये की मांग की गई थी। पत्र में कंप्यूटर ऑपरेटरों ने उल्लेख किया है कि यह सबकुछ एआरपी के विश्वास पात्र युवक करता है।
पत्र में आरोप लगाया गया कि एआरपी चिलकहर विजय कुमार आधार कृत्य के मामले में एक बार निलंबित हो चुके हैं फिर भी समस्त आधार ऑपरेटरों को शोषण करते आ रहे है। एआरपी के पास न ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का कोई आधार एसओपी है और न ही कोई अधिकारी है व जिला समन्वयक है। उधर, एआरपी विजय कुमार का कहना है कि अपर राज्य परियोजना निदेशक के नौ जनवरी के पत्र के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। यह सब कृत्य मुझे बदनाम करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। बीएसए मनीष कुमार सिंह ने कहा कि अपर राज्य परियोजना निदेशक का पत्र मिला है, जिसमें एआरपी चिलकहर पर लगाए गए आरोपों की जांच कर रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है।