बलिया। सरकार चाहे जिस किसी भी पार्टी की रही हो सभी सरकारों में बलिया का प्रतिनिधित्व और सहभागिता रही। बावजूद अब तक ददरी मेला को राष्ट्रीय तो दूर राज्यस्तरीय मेला का दर्जा नहीं दिया गया। उक्त बातें साहित्यकार डॉ. फतेहचंद बेचैन ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहीं।
डॉ. बेचैन ने कहा कि आजादी के बाद से सभी दलों के नेताओं ने वादा किया, लेकिन पूरा किसी ने नहीं किया। यह बात दीगर है कि यह मेला राष्ट्रीय स्तर के मेले के हर मानक व शर्त को पूरा करता है। यह राष्ट्रीय स्तर का ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर का मेला कहा जाएगा। कालांतर में इसमें काबुल के घोड़े भी आया करते थे। कोलकाता, मुंबई, मद्रास तक की दुकानें आया करती थीं। केन्द्र और प्रांत में भाजपा की ही सरकार है। फिर भी ददरी के दंश सरकार ने दूर करने की जहमत नहीं उठाई। कहा कि मेला को राष्ट्रीय स्तर का मेला हो जाने से चहुमुखी विकास का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। इससे जिले का भी विकास होगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से इसमें खास रुचि लेने की गुजारिश की।