बलिया। राशन कार्ड से वंचित परिवारों की पहचान अब फैमिली आईडी से होगी। वहीं, राशन कार्ड धारकों के लिए उनका कार्ड नंबर ही फैमिली आईडी मानी जाएगी। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ हासिल करने में भी मदद मिल सकेगी। जिले में अबतक करीब 2010 लोगों की ही फैमिली आईडी बनी है। जबकि इसके लिए पूर्व में 4947 लोगों ने आवेदन किया था। इनमें से 2452 का आवेदन अस्वीकार हो गया है। जबकि 473 आवेदन लंबित है। जबकि जिले में फैमिली आईडी कार्ड बनाए जाने के लिए कुल 105999 लक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
जिला अर्थ व सांख्यकी अधिकारी राजेश सिंह ने बताया कि एक परिवार-एक पहचान, फैमिली आईडी कार्ड योजना के तहत प्रदेश में परिवारों का लाइव डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिसके आधार पर उन्हें राज्य और केंद्र सरकार की सभी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा। फैमिली आईडी कार्ड के अन्तर्गत केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित 76 से अधिक योजनाओं/सेवाओं को फैमिली आईडी से लिंक किया जा चुका है और बाकी बची योजनाओं को परिवार आईडी कार्ड से आगे जोड़ा जाएगा।
12 अंकों का होगा फैमिली आईडी कार्ड
जिला अर्थ व सांख्यकी अधिकारी राजेश सिंह ने बताया कि फैमिली आईडी कार्ड से पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ प्राप्त कराना आसान होगा। यह कार्ड 12 अंकों का होगा, जिसमें पूरे परिवार का विवरण होगा। ऐसे परिवार, जिनका राशन कार्ड नहीं है। वह फैमिली आईडी में पंजीकरण अवश्य कराएं।
आवेदक स्वयं कर सकते हैं पंजीकरण
जिला अर्थ व सांख्यकी अधिकारी राजेश सिंह ने बताया कि फैमिली आईडी पंजीकरण करने के लिए फैमिली आईडी पोर्टल familyid.up.gov.in पर स्वयं को पंजीकृत कर आवेदन कर सकते है,जिसके लिए आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर की आवश्यकता होती है। जिस पर ओटीपी प्राप्त किया जाता है। फैमिली आईडी के सृजन के लिए आवेदक का विवरण भरकर परिवार के सदस्यों का पंजीकरण किया जा सकता है, इसके लिए आवेदक का आधार नंबर आवश्यक है।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फैमिली आईडी बनवाना जरूरी है। नए आवेदक की फैमिली आईडी अनिवार्य हो गया है, जो पुराने लाभार्थी हैं और उनकी आईडी नहीं बनी है, उन्हें भी जल्द इसे बनवाना होगा। - ओजस्वी राज, सीडीओ।