बलिया। गंगा व सरयू नदी के बाढ़ से प्रभावित जिले में 69 गांव ऐसे हैं, जहां बोई गई फसल का 33 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ है। इससे कुल 1723 किसान प्रभावित हुए और 712 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसल का नुकसान हुआ है।
करीब दो माह पहले गंगा में आई बाढ़ ने काफी तबाही मचाई थी। इसके अलावा सरयू ने भी कई इलाकों में कहर बरपाया था। नदियों का जलस्तर कम होने के बाद जिला प्रशासन ने फसलों की क्षति के सापेक्ष किसानों को मुआवजा देने को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला प्रशासन की ओर से फसलों को लेकर सर्वे का काम किया गया है। अपर जिलाधिकारी रामआसरे ने बताया कि सदर तहसील के 54 गांवों के 1236 किसान व 263 हेक्टेयर भूमि, बैरिया के दो गांवों के 54 किसान व 24 हेक्टेयर भूमि तथा बांसडीह तहसील के 13 गांव के 433 किसान व 424 हेक्टेयर भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई है, जहां बोई गई फसल का 33 फीसदी से अधिक का नुकसान हुआ है। इन्हें मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है।
उधर, बीमित किसानों को फसलों की क्षतिपूर्ति देने के लिए कृषि विभाग के अधिकारी व बीमा एजेंसी की संयुक्त टीम भी गांवों में सर्वे करना शुरु कर दिया है। जिला कृषि अधिकारी विकेश कुमार ने बताया कि जिन क्षेत्रों में बाढ़ से फसलों की क्षति हुई है उनका सर्वे किया जा रहा है। बताया कि जो भी किसान बीमित हैं उनको क्षतिपूर्ति देने की तैयारी चल रही है। बताया कि सर्वे में सभी तरह की फसलें शामिल हैं। केवल मक्का फसल के लिए व्यक्तिगत क्लेम किया जा सकता है।