बलिया। दीपावली पर 120 क्विंटल से अधिक पटाखे फोड़े जाने से जिले की आबोहवा खराब हो गई है। शनिवार को हवा की गुणवत्ता का इंडेक्स 194 पार पहुंच गया, जो हवा की गुणवत्ता के हिसाब से खराब स्थिति है। वहीं, हवा में प्रदूषण के चलते दमा रोगियों की सांसें उखड़ने लगी है।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पिछले दो दिन शुक्रवार व शनिवार को 317 से अधिक मरीज पहुंचे। इसमें 95 मरीज अस्थमा व सांस लेने में दिक्कत होने वाले रहे। इसमें 16 बच्चे भी शामिल रहे।18 गंभीर मरीजों को भर्ती किया गया। हवा की गुणवत्ता खराब होने से बुजुर्गों को काफी परेशानी हो रही है। इस बार दशहरे के बाद से ही शहर की हवा खराब होने लगी थी। दशहरे वाले दिन एक्यूआई 150 तक पहुंच गया था। जिले में एक्यूआई 194 व दृश्यता 2.5 किमी पहुंच गई है।
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इन इलाकाें में है खराब स्थिती : शहर में हवा की सर्वाधिक खराब स्थिति महावीर घाट, स्टेशन रोड, एससी काॅलेज, बेदुआं, चित्तू पांडेय चौराहे, कदम चौराहे आदि इलाकों में है।
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ये परेशानियां होती हैं
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. मनोज कुमार बताते हैं कि हवा की गुणवत्ता खराब होने से आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी, गर्दन में जलन की समस्या होने लगती है। हवा की गुणवत्ता खराब होने पर फेफड़े, अस्थमा, हृदय रोगियों को सांस लेने में दिक्कत होती है। ज्यादा समय तक ऐसे वातावरण में रहने से सामान्य व्यक्ति को भी सांस की दिक्कत होने लगती है। सांस के रोगियों के अलावा अन्य लोगों को भी वायु प्रदूषण से बचने के लिए मास्क का प्रयोग करना चाहिए।
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