बलिया। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए जनपद में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का काम तेजी से किया जा रहा है। जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी में भी पीकू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) स्थापित किए गए हैं। वहीं सीएचसी फेफना के पास 100 बेड के प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल के लिए भी फाउंडेशन का कार्य तेजी से चल रहा है। यह कार्य पूरा होने के बाद अस्पताल के तैयार होने में देर नहीं लगेगी। अस्पताल पूरी तरह वातानुकूलित होगा।
कोरोनाकाल में अस्पतालों में बेड की कमी और अन्य असुविधाओं के कारण कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। अब कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में सरकार की ओर से पहले से ही तैयारी की जा रही है। बसंतपुर एल-2 अस्पताल में 55, फेफना में 75 एल-1 अस्पताल है। जिला अस्पताल में 50 बेड का कोविड वार्ड, सीएचसी सीयर में 30, खेजुरी 30, सोनबरसा में 30 और रेवती में 30 बेड का एल-1 अस्पताल के रूप में स्थापित किया गया है। जिला अस्पताल में 30 बेड का पीकू वार्ड बनाया गया है। सीएचसी बसंतपुर, रेवती, सीयर, खेजुरी, सोनबरसा पर 12-12 बेड के पीकू वार्ड स्थापित हैं। यह सीएचसी पर बने 30 बेड के कोविड बेड में ही शामिल हैं।
सीएसआर और एक विदेशी एनजीओ के सहयोग से फेफना सीएचसी में 100 बेड के प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल बनाया जा रहा है। यह अस्पताल पांच ब्लॉकों में तैयार होगा। स्टील और फाइबर से तैयार वार्ड के ढांचे को अस्पताल में स्थापित किया जाएगा और इसमें अत्याधुनिक सुविधा वाले बेड होंगे। इन सभी बेडों पर आक्सीजन उपलब्ध रहेंगे। बेड में आक्सीजन ड्रिप, स्टैंड अलग से लगाने की सुविधा होगी और बेड को जरूरत के अनुसार ऊपर-नीचे किया जा सकेगा। सीएमओ डॉ. तन्मय कक्कड़ ने बताया कि अस्पताल बनाने के लिए सामान काफी पहले ही आ गया था। बरसात से पहले फाउंडेशन का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन इसे रोकना पड़ा। अब तेजी से इसका कार्य हो रहा है। फाउंडेशन तैयार होने के बाद अस्पताल को तैयार होते देर नहीं लगेगी। यह पूरे तरीके से वातानुकूलित होगा। टायलेट और चिकित्सकों के लिए सभी व्यवस्थाएं अस्पताल में उपलब्ध होंगी। आक्सीजन प्लांट तैयार हो चुका है। इसलिए सभी बेडों पर आक्सीजन की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
फेफना में आक्सीजन प्लांट के बगल में केंद्र सरकार से मंजूरी के बाद 100 बेड का अस्पताल बन रहा है। अस्पताल पूरी तरह वातानुकूलित होगा। इससे जनपद में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी। - उपेंद्र तिवारी, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)